नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर अहम बैठक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश


ग्रेटर नोएडा 18 मार्च (आईएएनएस)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आपातकालीन तैयारियों और पर्यावरणीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी (एईपीसी) और एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति (एईएमसी) के तहत आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी मेधा रूपम ने की।

बैठक का आयोजन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के प्रशासनिक कार्यालय में किया गया, जिसमें एयरपोर्ट की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, आधारभूत संरचना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना सभी एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने भी आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना-2016 और डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के तहत गठित यह समिति एयरपोर्ट की सुरक्षा और तैयारियों की नियमित समीक्षा करती है। समीक्षा के दौरान अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डीडीएमए, यमुना प्राधिकरण, एपीएचओ समेत कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में सामूहिक दुर्घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय अस्पतालों, एंबुलेंस सेवाओं और एयरपोर्ट स्वास्थ्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने अब तक आयोजित मॉक ड्रिल और आपातकालीन अभ्यासों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद स्तर के अधिकारियों को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस विभाग को सख्त निर्देश दिए गए कि एयरपोर्ट के नो-फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। साथ ही एयरपोर्ट की 18 किलोमीटर की परिधि में लेजर लाइट के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा, जिससे विमान संचालन में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।

इसके अलावा यमुना प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि एयरपोर्ट क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए निर्धारित कलर कोड और ऊंचाई मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी निर्माण कार्य से पहले बोर्ड की स्वीकृति अनिवार्य होगी। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण को लेकर नगर पालिका और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि स्वच्छता और पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, एसीपी सार्थक सेंगर सहित पुलिस, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और एयरपोर्ट प्रबंधन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक के जरिए स्पष्ट संकेत दिए गए कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित, सक्षम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।

–आईएएनएस

पीकेटी/एएस


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