भारत-यूके एफटीए का असर! जेएलआर इंडिया ने रेंज रोवर एसवी की कीमतों को 75 लाख रुपए तक घटाया


नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। जगुआर लैंड रोवर इंडिया ने मंगलवार को अपनी फ्लैगशिप एसयूवी रेंज रोवर एसवी की कीमतों में 75 लाख रुपए तक की भारी कटौती की घोषणा की। इसके जरिए कंपनी की कोशिश प्रस्तावित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से होने वाले संभावित लाभों को ग्राहकों तक पहुंचाना है।

कंपनी ने बताया कि यह मूल्य कटौती ब्रिटेन से आयातित पूर्णतः निर्मित यूनिट (सीबीयू) मॉडलों पर लागू होती है। यह लैंड रोवर की हाई-एंड एसयूवी रेंज रोवर एसवी की कीमतों में की गई अब तक की सबसे बड़ी कटौती है।

इस कटौती के बाद रेंज रोवर एसवी की एक्स-शोरूम कीमत 4.25 करोड़ रुपए से घटाकर 3.5 करोड़ रुपए कर दी गई है, जबकि रेंज रोवर स्पोर्ट एसवी की शुरुआती कीमत 2.75 करोड़ रुपए से घटकर अब 2.35 करोड़ रुपए हो गई है।

कंपनी के अनुसार, संशोधित मूल्य निर्धारण भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने के बाद नई शुल्क संरचना के तहत अपेक्षित परिवर्तनों को दर्शाता है।

नए मूल्य तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं, जो समझौते के सफल क्रियान्वयन के प्रति कंपनी के विश्वास को दर्शाते हैं।

इस कदम पर टिप्पणी करते हुए प्रबंध निदेशक राजन अम्बा ने कहा कि कंपनी व्यापार समझौते के अपेक्षित लाभों को अपने ग्राहकों तक पहले से ही पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि संशोधित मूल्य निर्धारण जेएलआर इंडिया के ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूत करता है और इसका उद्देश्य प्रीमियम एसवी रेंज को खरीदारों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

कंपनी ने कहा,“संशोधित कीमतें मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) द्वारा लागू की गई नई शुल्क संरचना को दर्शाती हैं और तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।”

उन्होंने आगे कहा कि मुक्त व्यापार समझौते से ब्रांड के महत्वाकांक्षी पोर्टफोलियो की लोकप्रियता बढ़ने और भारत के लग्जरी कार बाजार में कंपनी की विकास गति को और मजबूत करने की उम्मीद है।

हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके स्थानीय स्तर पर निर्मित मॉडलों – जिनमें रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट, रेंज रोवर इवोक, रेंज रोवर वेलार और डिस्कवरी स्पोर्ट शामिल हैं – की कीमतें अपरिवर्तित रहेंगी, क्योंकि आयात शुल्क संशोधनों का इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

कंपनी ने यह भी कहा कि डिफेंडर और डिस्कवरी जैसे मॉडल अपनी मौजूदा कीमतों पर ही बने रहेंगे क्योंकि इनका उत्पादन स्लोवाकिया में होता है और ये भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के दायरे में नहीं आते हैं।

अंबा ने कहा,“हमें विश्वास है कि यह एफटीए अधिक ग्राहकों को बेहद आकर्षक और महत्वाकांक्षी एसवी पोर्टफोलियो का अनुभव करने का अवसर देगा और जेएलआर इंडिया के विकास पथ को और मजबूत करेगा।”

–आईएएनएस

एबीएस/


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