भूख नहीं लग रही? ये आसान घरेलू उपाय आएंगे काम और बेहतर होगा पाचन


नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भूख न लगना एक आम समस्या है, जो अक्सर बीमारी से उबरते समय कमजोरी, तनाव या पाचन ठीक न होने की वजह से होती है। ऐसे में शरीर को दवा के साथ-साथ सही देखभाल और घरेलू उपायों की भी जरूरत होती है।

सबसे आसान और पहला उपाय है गुनगुना पानी पीना। दिन में दो-तीन बार गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट हल्का महसूस करता है। ठंडा पानी या बहुत ज्यादा पानी एक साथ पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे भूख और दब सकती है। गुनगुना पानी शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है।

भूख न लगने की हालत में भारी भोजन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। तला-भुना, ज्यादा मसालेदार या बाहर का खाना पेट पर बोझ डालता है। इसकी जगह हल्का और गरम खाना जैसे दलिया, खिचड़ी, सादा चावल-दाल या सब्जी का सूप बेहतर रहता है। ऐसा खाना आसानी से पचता है और धीरे-धीरे भूख लौटाने में मदद करता है।

खाने का समय भी बहुत मायने रखता है। रोज सही समय पर और सही मात्रा में भोजन करना चाहिए। बहुत देर तक भूखे रहना या एक ही बार में ज्यादा खाना, दोनों ही गलत हैं। थोड़ा-थोड़ा करके, लेकिन समय पर खाना खाने से शरीर की आदत बनती है और भूख अपने आप सुधरने लगती है।

खाने से पहले अदरक का छोटा सा टुकड़ा कूटकर उसमें नींबू का रस और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर लेने से पाचन रस सक्रिय होते हैं। यह एक पुराना और असरदार घरेलू नुस्खा है, जो खासकर बीमारी से उबरते समय काफी फायदेमंद होता है।

आंवला पाउडर भी भूख बढ़ाने में मदद करता है। खाने से पहले आंवला पाउडर में एक चुटकी नमक मिलाकर लेने से पाचन सुधरता है और पेट साफ रहता है। आंवला शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

नींबू को दो हिस्सों में काटकर उस पर काली मिर्च पाउडर और नमक छिड़ककर सेवन करने से भूख बढ़ती है। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनका स्वाद चला गया हो या मुंह फीका लग रहा हो।

पुदीने की पत्तियां, नींबू और काला नमक पानी में मिलाकर पीने से पेट की गैस कम होती है और भूख खुलती है। यह पेय ठंडक भी देता है और पाचन को दुरुस्त करता है।

इसके अलावा आधा चम्मच यानी करीब 2-3 ग्राम अजवाइन में सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से पेट की गड़बड़ी दूर होती है और भूख में सुधार आता है।

बता दें कि ये सभी घरेलू उपाय बीमारी से ठीक होने के दौरान या किसी इलाज के साथ सहायक के रूप में अपनाए जा सकते हैं। अगर व्यक्ति को लीवर की बीमारी, आंतों की गंभीर समस्या, कैंसर या कोई अन्य गंभीर रोग हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

–आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी


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