हैदराबाद: ईडी ने जीएचएमसी अधिकारी की 19 अचल संपत्तियां कुर्क कीं


हैदराबाद, 31 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के टाउन प्लानिंग सेक्शन ऑफिसर डाचा जनार्दन महेश से जुड़ी 19 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 5.15 करोड़ रुपये बताया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में प्लॉट, दुकानें, फ्लैट और आवासीय परिसर शामिल हैं, जो डाचा जनार्दन महेश और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं।

ईडी ने यह जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), हैदराबाद द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ई) के तहत दर्ज की गई थी। मामला जीएचएमसी, सर्किल- XVIII, सिकंदराबाद में तैनात टाउन प्लानिंग सेक्शन ऑफिसर डाचा जनार्दन महेश से जुड़ा है।

एसीबी ने इस मामले में 22 जून 2022 को माननीय प्रथम अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश, हैदराबाद की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट के अनुसार, डाचा जनार्दन महेश और उनके परिवार के पास उनकी ज्ञात आय से लगभग 5.27 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई।

ईडी की जांच में सामने आया कि डाचा जनार्दन महेश ने अपराध से अर्जित धन का उपयोग कर अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदीं, जिनकी बिक्री राशि नकद में अदा की गई। इसके अलावा, इन संपत्तियों को वैध दिखाने के उद्देश्य से आरोपी ने अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा कराया, जिसका इस्तेमाल बाद में संपत्तियों की खरीद और निजी खर्चों में किया गया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अपराध की आय का उपयोग “श्री इंदिरा सदन” नामक परियोजना के विकास और निर्माण में भी किया गया। इस परियोजना में आरोपी के चचेरे भाई के. बी. लक्ष्मीनारायण, जो एम/एस महेश्वरी कंस्ट्रक्शंस के साझेदार हैं, की मदद ली गई।

ईडी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

डीएससी


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