कोलकाता के 'वाओ! मोमो' गोदाम अग्निकांड पर मानवाधिकार आयोग सख्त, जिलाधिकारी से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित ‘वाओ! मोमो’ के वेयरहाउस-फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
आयोग ने इस मामले में जिलाधिकारी, कोलकाता को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सौंपने के निर्देश दिए हैं।
यह नोटिस मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत जारी किया गया है। आयोग ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का प्रतीत होता है।
शिकायत के अनुसार, 26 जनवरी को ‘वाओ! मोमो’ के गोदाम-फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। उस समय कई मजदूर परिसर के अंदर सो रहे थे। इस हादसे में कम से कम 20 श्रमिकों की मौत होने और कई के अब भी लापता होने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता ने ‘वाओ! मोमो’ प्रबंधन पर आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही, फायर सर्विसेज, श्रम विभाग, शहरी नियोजन प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इन विभागों की नियामक विफलता के चलते यह हादसा हुआ।
शिकायत में न्यायिक धारा, फैक्ट्री अधिनियम 1948, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता 2020, आपदा प्रबंधन अधिनियम और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन का हवाला दिया गया है।
शिकायतकर्ता ने आयोग से मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन की जवाबदेही तय करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास देने तथा पूरे राज्य में सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।
मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कोलकाता के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे आरोपों की जांच कर तीन दिनों के भीतर आयोग को रिपोर्ट भेजें। रिपोर्ट की एक प्रति ई-मेल के माध्यम से भी भेजने को कहा गया है। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस