हिंदी भारत को एकजुट करेगी, एआई भविष्य को शक्ति प्रदान करेगा: सीएम माणिक साहा


अगरतला, 19 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार को स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह संचार और राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषाई विविधता का सम्मान करते हुए हिंदी को मजबूत करने के प्रयासों के तहत, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तरी, पूर्वी और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन की मेजबानी के लिए अगरतला को चुना है।

यह कार्यक्रम शुक्रवार को हपानिया स्थित अंतर्राष्ट्रीय इंडोर प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा और गृह मंत्री सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

सीएम साहा ने कहा कि वे चाहते हैं कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम अगरतला में आयोजित हों। उत्तरी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रतिनिधि यहां आ चुके हैं और हम इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। गृह मंत्री भी सभा को संबोधित करेंगे।

हिंदी को सुलभ और व्यापक रूप से समझी जाने वाली भाषा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में अधिकांश लोग आसानी से हिंदी का उपयोग कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हिंदी को प्राथमिकता देते हुए हम पूरे देश को एकजुट करना चाहते हैं। साथ ही, हर किसी की अपनी भाषा होती है और सभी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा और बताया कि कई भारतीय भाषाएं संस्कृत से निकली हैं।

साहा ने भाषाई सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहलों के लिए आभार भी व्यक्त किया।

प्रौद्योगिकी और नवाचार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लिया।

उन्होंने बताया कि एआई इम्पैक्ट समिट में उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों, केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से एआई को लेकर उत्सुक रहे हैं। आने वाले दिनों में सभी विभाग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करेंगे, और एआई को हाल ही के बजट में भी शामिल किया गया है।

भारत के तकनीकी भविष्य पर विश्वास व्यक्त करते हुए साहा ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में भारत एआई के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में उभरेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता हम सभी के लिए आवश्यक है।

–आईएएनएस

एमएस/


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