यूएस में 1992 के बाद खसरे के सर्वाधिक मामले, 2025 के दौरान दो हजार से ज्यादा केस सामने आए


लॉस एंजिल्स, 2 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में साल 2025 के दौरान खसरे के दो हजार से ज्यादा मामले सामने आए। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, सीडीसी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह संख्या 1992 के बाद किसी भी एक साल में सबसे ज्यादा है।

30 दिसंबर 2025 तक पूरे देश में खसरे के कुल 2,065 पक्के मामले दर्ज किए गए। इनमें से करीब 11 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये मामले अमेरिका के 44 राज्यों और क्षेत्रों से सामने आए। इसके अलावा कुछ मामले ऐसे लोगों में भी मिले, जो दूसरे देशों से अमेरिका आए थे।

इससे पहले साल 1992 में अमेरिका में खसरे के 2,126 मामले सामने आए थे। इसके बाद यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सीडीसी के मुताबिक, साल 2025 में खसरे के 49 प्रकोप दर्ज किए गए। इन प्रकोपों से जुड़े मामले कुल मामलों का करीब 88 प्रतिशत रहे। खसरे से सबसे ज्यादा प्रभावित लोग 5 से 19 साल की उम्र के थे। इस आयु वर्ग के मरीज कुल मामलों का लगभग 42 प्रतिशत थे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, साल 2025 में अमेरिका में खसरे से तीन लोगों की मौत की पुष्टि भी हुई।

अमेरिका में साल 2000 में खसरे को खत्म घोषित कर दिया गया था। इसका मतलब यह था कि देश के भीतर खसरा नहीं फैल रहा था और नए मामले तभी मिलते थे, जब कोई व्यक्ति विदेश से संक्रमित होकर वापस आता था। हालांकि, पिछले साल खसरे के मामलों और प्रकोपों में आई तेजी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अपनी “खसरा मुक्त” स्थिति खो सकता है। ऐसा ही नवंबर 2025 में कनाडा के साथ हुआ था।

खसरा एक बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है, जो वायरस के कारण होती है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति की सांस, खांसी या छींक से आसानी से फैल जाती है। इससे गंभीर बीमारी, जटिलताएं और कई बार मौत भी हो सकती है।

खसरा किसी को भी हो सकता है, लेकिन यह बच्चों में ज्यादा पाया जाता है। यह बीमारी पहले सांस की नली को प्रभावित करती है और फिर पूरे शरीर में फैल जाती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना और पूरे शरीर पर चकत्ते निकलना शामिल है।

खसरे से बचाव का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण है। टीका सुरक्षित होता है और शरीर को वायरस से लड़ने में मदद करता है। इससे बीमारी फैलने से भी रोका जा सकता है।

1963 में खसरे का टीका आने से पहले और बड़े पैमाने पर टीकाकरण शुरू होने से पहले, हर दो से तीन साल में खसरे की महामारी आती थी। उस समय हर साल करीब 26 लाख लोगों की मौत होती थी। साल 2023 में दुनियाभर में खसरे से करीब 1 लाख 7 हजार 500 लोगों की मौत हुई थी। इनमें ज्यादातर बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे, जबकि खसरे का सुरक्षित और सस्ता टीका उपलब्ध है।

खसरे के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 10 से 14 दिन बाद दिखने लगते हैं। सबसे साफ दिखने वाला लक्षण शरीर पर निकलने वाला चकत्ता होता है।

शुरुआती लक्षण 4 से 7 दिन तक रहते हैं। इनमें नाक बहना, खांसी, आंखों का लाल और पानी से भरा होना और गालों के अंदर छोटे सफेद दाने शामिल हैं।

चकत्ते आमतौर पर संपर्क के 7 से 18 दिन बाद शुरू होते हैं। ये पहले चेहरे और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर दिखाई देते हैं। इसके बाद करीब तीन दिनों में पूरे शरीर में, हाथों और पैरों तक फैल जाते हैं। ये चकत्ते आमतौर पर 5 से 6 दिन में धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।


Show More
Back to top button