संभल : जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई टली


संभल, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली की नियमित जमानत पर सुनवाई 4 अप्रैल के लिए टाल दी गई है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश ने बताया कि नवंबर 2024 के मामले में सदर जफर अली की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने केस डायरी उपलब्ध न होने के कारण अपना पक्ष रखने के लिए दो दिन का समय मांगा। साथ ही, उन्होंने अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया।

इस पर सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि उनकी अंतरिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है, इसीलिए आज भी अंतरिम जमानत याचिका खारिज की जाए। न्यायालय ने इस दलील को स्वीकार करते हुए अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी।

साथ ही, अदालत ने 4 अप्रैल तक केस डायरी उपलब्ध कराने की मांग करते हुए नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार के लिए टाल दी।

अदालत द्वारा सर्वेक्षण के विरोध में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा मामले में पूछताछ के बाद 23 मार्च को जफर अली को गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन चंदौसी की एक अदालत ने अली की जमानत याचिका खारिज कर दी और दो दिन की न्यायिक हिरासत में मुरादाबाद जेल भेज दिया। हालांकि, उनके बड़े भाई ने आरोप लगाया कि उन्हें गलत फंसाया गया है।

इसे लेकर संभल में बीते दो दिन से वकीलों ने कलमबद्ध हड़ताल कर रखी है और मार्च भी निकाला जा रहा है। वकील शकील ने कहा कि प्रशासन ने जफर को तो पहले ही गलत तरीके से जेल भेजा है। आज उनके भाइयों और भतीजों के खिलाफ नोटिस देकर पाबंद किया है। ऐसा लगता है कि जफर के पूरे परिवार को प्रताड़ित करने का प्रशासन का इरादा है।

उन्होंने कहा कि जफर को रिहा करें। उनके परिवार के खिलाफ कुछ नहीं होना चाहिए। जफर की गिरफ्तारी के खिलाफ ज्यादातर जिलों में हड़ताल चल रही है। अभी बार काउंसिल का आदेश आने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़ताल होगी।

–आईएएनएस

विकेटी/एबीएम/एकेजे


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