न्यूजीलैंड में एच5एन1 बर्ड फ्लू की दस्तक, विशेषज्ञ बोले-वायरस फैलने पर रोकना मुश्किल


वेलिंगटन, 16 जुलाई (आईएएनएस)। एक सीनियर वेटेरिनरी अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को न्यूजीलैंड में एक जंगली समुद्री पक्षी में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा का नया स्ट्रेन मिलने के बाद, इसके कुछ ही महीनों में देश में स्थानिक बीमारी बनने की संभावना है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मिनिस्ट्री फॉर प्राइमरी इंडस्ट्रीज की चीफ वेटेरिनरी ऑफिसर मैरी वैन एंडेल ने रेडियो न्यूजीलैंड (आरएनजेड) को बताया कि अगर यह वायरस जंगली जीवों में फैल गया, तो इसे खत्म करना मुश्किल होगा।

बुधवार को राजधानी वेलिंगटन के पेटोन बीच पर मिले एक समुद्री पक्षी में एच5 वायरस की पुष्टि हुई। यह दुनिया भर में जंगली पक्षियों के बीच फैले इस वायरस का न्यूजीलैंड में पहला मामला है।

ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज की प्रोफेसर डायने ब्रंटन ने कहा, “न्यूजीलैंड का अलग-थलग होना इस जानलेवा बर्ड वायरस को नहीं रोक पाएगा।” उन्होंने कहा कि हालांकि अभी जंगली जीवों की बड़े पैमाने पर मौत या न्यूजीलैंड के पक्षियों के बीच इसके फैलने का कोई सबूत नहीं है, लेकिन समय के साथ एच5एन1 के यहां फैलने की संभावना है।

वैन एंडेल ने कहा कि वायरस पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है, लेकिन ऐसे मामले बहुत कम होते हैं और इससे खाद्य सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता है।

ओटागो यूनिवर्सिटी की वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर जेम्मा जियोघेगन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और दुनिया भर में इस वायरस के फैलने के बाद से ही न्यूजीलैंड इसके आने की तैयारी कर रहा था।

जियोघेगन ने कहा कि जंगली पक्षियों की तेजी से जांच, जीनोमिक सीक्वेंसिंग और उन पर कड़ी निगरानी रखना जरूरी होगा।

तैयारी के तहत, कंजर्वेशन डिपार्टमेंट ने न्यूजीलैंड की पांच सबसे लुप्तप्राय प्रजातियों (जिनमें काकापो और ताकाहे शामिल हैं) के 300 मुख्य प्रजनन करने वाले पक्षियों का टीकाकरण शुरू कर दिया है।

मैसी यूनिवर्सिटी के महामारी विज्ञानी नाइजेल फ्रेंच ने आरएनजेड को बताया कि अगर वायरस फैलता है, तो छोटी और लुप्तप्राय आबादी वाले पक्षी – जिनमें बेहद दुर्लभ फेयरी टर्न भी शामिल है – विलुप्त हो सकते हैं।

–आईएएनएस

पीआईएम/पीएम


Show More
Back to top button