साल 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर गुजरात : सीएम भूपेंद्र पटेल


अहमदाबाद, 20 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के राज्य वार्षिक सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि गुजरात 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उद्योग जगत को पूरा सहयोग देगी।

सीआईआई के राज्य वार्षिक सत्र और ‘गुजरात : एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ पर एक सम्मेलन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य उस विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विकास पथ का अनुसरण करते हुए, गुजरात 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, राज्य सरकार उद्योगपतियों के साथ साझेदारी में सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

औद्योगिक विकास के पूर्वकाल के चरणों को याद करते हुए सीएम ने कहा, “एक समय था जब गुजरात में विकास केवल वापी-वडोदरा क्षेत्र तक ही सीमित था। हालांकि, पूरे राज्य के समावेशी विकास की परिकल्पना के साथ, पानी और बिजली जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया।”

उन्होंने आगे कहा कि 2003 में शुरू किए गए वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन ने वैश्विक निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे राज्य निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन गया है।

हाल के घटनाक्रमों के बारे में बताते हुए, उन्होंने माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा किए गए निवेशों को बढ़ते वैश्विक विश्वास के उदाहरण के रूप में जिक्र किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर वैश्विक स्तर पर मजबूत विश्वास ने सेमीकंडक्टर जैसे उन्नत उद्योगों को भारत, विशेषकर गुजरात में लाया है। जो कभी असंभव लगता था, वह अब राज्य में वास्तविकता बनता जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने प्रमुख आर्थिक संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात की जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का लगभग 5 प्रतिशत होने के बावजूद भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इसका योगदान लगभग 8 प्रतिशत है। इस हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि देश के विनिर्माण उत्पादन में राज्य की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है और कुल निर्यात में इसका योगदान 33 प्रतिशत है, जबकि यह देश के 40 प्रतिशत माल का प्रबंधन करता है।

सीएम ने अलग-अलग क्षेत्र के विशिष्ट योगदानों का भी उल्लेख किया। उन्‍होंने कहा कि गुजरात की रसायन उद्योग में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है, दवा निर्यात में 19.2 प्रतिशत का योगदान है और हीरे के निर्यात में 80 प्रतिशत का योगदान है।

उन्होंने आगे कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की संख्या 2001-02 में 1.85 लाख से बढ़कर वर्तमान में 27.9 लाख हो गई है।

गुजरात को ‘नीति-संचालित राज्य’ बताते हुए पटेल ने कहा कि उद्योगपतियों के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीतियां तैयार की गई हैं। बदलती जरूरतों के अनुरूप आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं और साथ ही यह भी बताया कि राज्य ने ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप एक रोडमैप तैयार किया है और इसे लागू करना शुरू कर दिया है।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम


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