गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओउरी बाह ने सीएमजी को साक्षात्कार दिया


बीजिंग, 27 जून (आईएएनएस)। 23 से 25 जून तक, 90 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,700 से अधिक अतिथि वैश्विक आर्थिक विकास के नए रास्तों पर चर्चा करने के लिए पूर्वी चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में एकत्रित हुए। इनमें गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओउरी बाह भी शामिल हुए। उन्होंने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि यह उनकी पहली चीन यात्रा और विश्व आर्थिक मंच की न्यू चैंपियंस की वार्षिक बैठक (ग्रीष्मकालीन दावोस मंच) में भाग लेना है।

प्रधानमंत्री ओउरी बाह चीन द्वारा प्रस्तावित “बेल्ट एंड रोड” के सह-निर्माण सहित कई पहलों के प्रशंसक हैं, उन्होंने कहा कि “बेल्ट एंड रोड” पहल की बदौलत गिनी ने बुनियादी ढांचे, कृषि, खनन और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

ओउरी बाह ने कहा कि पिछले चार दशकों में, चीन वैश्विक विकास का एक आदर्श बन गया है, यह दर्शाता है कि कैसे एक राष्ट्र गरीबी और पिछड़ेपन से उठकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर नेतृत्व की स्थिति तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, “इसलिए, हमें इस तरह के और अधिक आदान-प्रदान और बैठकों की आवश्यकता है ताकि हमारे जैसे देश चीन के विकास के अनुभव से सीख सकें।”

उनके विचार में, वर्तमान में सारी दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में है। विश्व के नेताओं के लिए यह आवश्यक है कि वे एकजुट होकर विकास की भावी दिशा पर विचार करें और नवाचार के माध्यम से अपने चिंतन और संगठन के तरीकों में परिवर्तन लाएं, चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो या लोगों के दैनिक जीवन के सभी पहलुओं में। केवल इसी तरह हम अपने आसपास हो रहे तकनीकी विकास की उपलब्धियों का अधिक तर्कसंगत और कुशल उपयोग कर सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, गिनी पश्चिम अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित है। चीन और गिनी ने अक्टूबर 1959 में राजनयिक संबंध स्थापित किए। तब से, दोनों पक्षों के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ा है, जिससे पारस्परिक लाभ और उभय जीत के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2025 में, द्विपक्षीय व्यापार 18.23 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो वर्ष 2024 की तुलना में 57.5 प्रतिशत अधिक था।

प्रधानमंत्री ओउरी बाह ने कई मौकों पर कहा है कि चीन का विकास अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने विकासशील देशों को एक व्यवहार्य विकास मार्ग दिखाया है।

सीएमजी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन दावोस मंच जैसे मंचों के माध्यम से गिनी चीन के अनुभव से सीख और लाभ उठा सका है। चीन की “बेल्ट एंड रोड” पहल ने दोनों देशों और यहां तक कि चीन-अफ्रीका सहयोग के लिए भी विकास के नए अवसर पैदा किए हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक तालमेल की अपार संभावनाएं हैं। उनके विचार में, चीन और गिनी न केवल एक-दूसरे के सहयोगी भाई हैं, बल्कि विकास और पुनरुत्थान के समान पथ पर साझेदार भी हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

एबीएम/


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