अमेरिका-भारत ट्रेड डील में सरकार ने किसानों और मछुआरों के हितों से नहीं किया समझौता: पीयूष गोयल


नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह अन्य पड़ोसी देशों के साथ यूएस द्वारा की गई ट्रेड डील के मुकाबले काफी अच्छी है। इसमें देश के किसानों, डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए, भारत के लिए एक बहुत अच्छी डील पक्की करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का इस्तेमाल किया है।

यह ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर जैसे टेक्सटाइल, लेदर, सीफूड और रत्न और आभूषण को फायदा पहुंचाएगी और इससे अमेरिका को निर्यात के लिए बड़े अवसर खुलेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर, जिसमें ऑटो कंपोनेंट्स और अन्य सामान शामिल हैं, उन्हें भी इस डील से फायदा होगा।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एमएसएमई सेक्टर, जो इकॉनमी में सबसे अधिक नौकरियां पैदा करता है, उसे भी इस ट्रेड डील से फायदा होगा क्योंकि कम टैरिफ से इस सेक्टर से होने वाला निर्यात अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएगा।

गोयल ने बताया कि पीएम मोदी ने यह डील फाइनल की है, जो अधिकारियों और मंत्रियों के लेवल पर लंबी बातचीत में फंसी हुई थी और जिसका कोई नतीजा नहीं निकल रहा था।

उन्होंने तर्क दिया कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना आवश्यक था क्योंकि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के उच्च शुल्क के कारण अमेरिका को खाद्य पदार्थ और वस्त्र जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के भारतीय निर्यात पर गहरा असर पड़ा था।

उन्होंने कहा, “140 करोड़ भारतीयों की ओर से, मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि यह समझौता भारत के आर्थिक विकास, किसानों, गरीबों, मछुआरों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई अवसर लेकर आएगा।”

गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उन पर देश को गुमराह करने और भारत के विकास के प्रति चिंता न दिखाने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, “राहुल गांधी जैसे नकारात्मक सोच वाले नेता देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्हें देश की प्रगति की कोई चिंता नहीं है। कांग्रेस सरकार ने भारत को दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में धकेल दिया था और अगर राहुल गांधी की मनमानी चली तो वे देश को फिर से उसी स्थिति में ले जाएंगे।”

–आईएएनएस

एबीएस/


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