अमेरिकी राजदूत के तौर पर गोर पहले मुंबई दौरे पर पहुंचे, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने पर दिया जोर

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसी हफ्ते की शुरुआत में सोमवार से बतौर एंबेसडर अपने कार्य के पहले दिन की शुरुआत की। इसके बाद अमेरिकी राजदूत ने अपनी पहली आधिकारिक यात्रा में शुक्रवार को मुंबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास का दौरा किया। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी।
भारत में अमेरिकी राजदूत गोर ने एक्स पर लिखा, “मुंबई में अपने पहले दौरे की शुरुआत हमारे वाणिज्य दूतावास से करने के लिए बहुत उत्साहित हूं! हमारी समर्पित टीम अमेरिका-भारत साझेदारी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।”
बता दें, सोमवार को नई दिल्ली में अपनी जिम्मेदारी संभालने के बाद गोर ने 14 जनवरी, बुधवार को राष्ट्रपति भवन में हुए एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल्स दिए।
इसे लेकर उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज, मैंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भारत में अमेरिका के राजदूत के तौर पर अपने क्रेडेंशियल्स सौंप दिए। मैं राष्ट्रपति ट्रंप के भरोसे के लिए उनका आभारी हूं और उनकी सरकार की प्राथमिकता को आगे बढ़ाने पर गर्व करता हूं। हम सब मिलकर सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक में अपनी साझेदारी को मजबूत करेंगे और अमेरिका-भारत साझेदारी बनाएंगे जो 21वीं सदी को डिफाइन करेगी।”
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सर्जियो गोर के भारत में अमेरिकी राजदूत के तौर पर आने को नई दिल्ली-वाशिंगटन रिश्तों को फिर से ठीक करने के लिए एक अहम पल बताया।
बता दें, थरूर खुद एक पूर्व डिप्लोमैट रह चुके हैं। उन्होंने गुरुवार को द इंडियन एक्सप्रेस में एक ओपिनियन में लिखा, “गोर ने अपने पहले दिन की शुरुआत सही तरीके से की। उन्होंने कहा कि ‘भारत से ज्यादा जरूरी कोई साझेदार नहीं है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘राजदूत के तौर पर मेरा लक्ष्य एक बहुत बड़े एजेंडा को आगे बढ़ाना है। हम यह सच्चे रणनीतिक साझेदार के तौर पर करेंगे; हर कोई ताकत, सम्मान और नेतृत्व लाएगा।’ “
उन्होंने आगे कहा, “गोर ने साफ-साफ कहा कि ‘एक रिश्ता जो सबसे ऊंचे स्तर पर टिका हो। सच्चे दोस्त अलग-अलग राय रख सकते हैं, लेकिन आखिर में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।’ सिर्फ 38 साल की उम्र में, गोर राजनयिकों की एक नई पीढ़ी को दिखाते हैं, जो बड़ी-बड़ी बातों पर कम और लेन-देन वाली डील करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं।”
–आईएएनएस
केके/एएस