मध्य पूर्व युद्ध के कारण अप्रैल में वैश्विक हवाई यात्री मांग में आई 3.4 प्रतिशत की गिरावट


नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब वैश्विक एविएशन सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में वैश्विक हवाई यात्री मांग सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत घट गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट मुख्य रूप से मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण हुई, जिससे उस क्षेत्र की एयरलाइंस की यात्रा मांग बुरी तरह प्रभावित हुई।

आईएटीए के अनुसार, रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (आरपीके) के आधार पर मापी जाने वाली कुल यात्री मांग अप्रैल 2025 की तुलना में 3.4 प्रतिशत कम रही। वहीं, उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) के आधार पर मापी जाने वाली कुल क्षमता में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक लोड फैक्टर 83.1 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत अंक कम है।

आईएटीए ने कहा कि यह गिरावट मुख्य रूप से मध्य पूर्व की एयरलाइंस में यात्रा मांग में आई भारी कमी की वजह से हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि मध्य पूर्व क्षेत्र को अलग कर दिया जाए, तो अप्रैल महीने में वैश्विक यात्री मांग में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज होती।

आईएटीए ने कहा, “रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (आरपीके) के आधार पर कुल मांग अप्रैल 2025 की तुलना में 3.4 प्रतिशत घटी।”

संस्था ने आगे बताया, “उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) के आधार पर कुल क्षमता में 2.9 प्रतिशत की सालाना गिरावट आई। वहीं, लोड फैक्टर 83.1 प्रतिशत रहा, जो अप्रैल 2025 के मुकाबले 0.4 प्रतिशत अंक कम है।”

अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात में अप्रैल के दौरान सालाना आधार पर 5.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि क्षमता में 5.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

हालांकि, यदि मध्य पूर्व की एयरलाइंस को छोड़ दिया जाए, तो अंतरराष्ट्रीय यात्री मांग में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली।

आईएटीए के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा, “मध्य पूर्व में युद्ध के कारण वहां की एयरलाइंस की मांग में 46.6 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जिसने कुल वैश्विक मांग को 3.4 प्रतिशत नीचे खींच दिया। फिलहाल एयर ट्रांसपोर्ट सेक्टर की स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है। अप्रैल में जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा बढ़ गईं, जिससे हवाई किराए भी महंगे हो रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों के शेड्यूल डेटा से संकेत मिल रहे हैं कि एयरलाइंस कमजोर मांग और बढ़ती ईंधन लागत को देखते हुए अपनी सेवाओं में कटौती कर रही हैं।

मध्य पूर्व की एयरलाइंस में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में इस क्षेत्र की यात्री मांग सालाना आधार पर 48.1 प्रतिशत तक गिर गई।

इस दौरान क्षमता में 38.4 प्रतिशत की कमी आई, जबकि लोड फैक्टर घटकर 70.1 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले की तुलना में 13.1 प्रतिशत अंक कम है।

आईएटीए ने कहा कि ईरान युद्ध के कारण इस क्षेत्र में हवाई यातायात लगातार प्रभावित रहा, हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद गिरावट की रफ्तार में थोड़ी कमी देखने को मिली है।

–आईएएनएस

डीबीपी


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