फ्रांस ने ग्रीनलैंड में खोला वाणिज्य दूतावास, ऐसा करने वाला पहला ईयू देश


पेरिस, 6 फरवरी (आईएएनएस)। फ्रांस ने ग्रीनलैंड में अपना वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) खोल दिया है। इसके साथ ही फ्रांस स्वायत्त डेनिश क्षेत्र ग्रीनलैंड में राजनयिक मिशन स्थापित करने वाला पहला यूरोपीय संघ (ईयू) देश बन गया है। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि जां-नोएल पोइरियर ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में कांसुल जनरल के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। यह कदम फ्रांस के कांसुलर नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जून 2025 में ग्रीनलैंड यात्रा के दौरान पहली बार वहां वाणिज्य दूतावास खोलने की योजना की घोषणा की थी। इस सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने पोइरियर की नियुक्ति से संबंधित आदेश पर हस्ताक्षर किए।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, जां-नोएल पोइरियर इससे पहले 2012 से 2016 तक वियतनाम में फ्रांस के राजदूत रह चुके हैं। ग्रीनलैंड में उनके कार्यकाल में वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना, वहां निवेश या कारोबार शुरू करने में रुचि रखने वाली फ्रांसीसी कंपनियों को मार्गदर्शन देना और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर ग्रीनलैंड की उपसतह में मौजूद खनिज संसाधनों की संभावनाओं का आकलन करना शामिल है।

फ्रांस के विदेश मंत्री जां-नोएल बैरो ने पिछले महीने कहा था कि ग्रीनलैंड में कांसुलेट खोलना एक “राजनीतिक संकेत” है और यह सभी स्तरों पर वहां अपनी मौजूदगी मजबूत करने की फ्रांस की मंशा को दर्शाता है।

ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अन्य देश भी अपनी राजनयिक उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद भी शुक्रवार को वहां एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने वाली हैं।

इस बीच, मंगलवार को एक अधिकारी ने बताया कि नाटो ने ‘आर्कटिक सेंट्री’ मिशन के लिए सैन्य योजना बनाना शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच जारी तनाव के बीच निगरानी और सतर्कता बढ़ाना है।

नाटो के एक अधिकारी ने शिन्हुआ को बताया, “हम पुष्टि कर सकते हैं कि आर्कटिक सेंट्री की योजना पर काम चल रहा है,” हालांकि उन्होंने इससे जुड़े और विवरण साझा नहीं किए। यह पुष्टि नाटो के सुप्रीम हेडक्वार्टर्स एलाइड पावर्स यूरोप के प्रवक्ता मार्टिन ओ’डॉनेल की पहले की रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि यह गतिविधि आर्कटिक और उत्तरी क्षेत्रों में नाटो की स्थिति को और मजबूत करेगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताई है। ग्रीनलैंड, डेनमार्क के साम्राज्य के भीतर एक स्वशासित क्षेत्र है। ट्रंप के बयानों को लेकर पूरे यूरोप में कड़ा विरोध देखने को मिला है।

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने मंगलवार को डेनिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका के साथ राजनयिक वार्ता दोबारा शुरू होने के बावजूद, वॉशिंगटन की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इच्छा अब भी बनी हुई है।

–आईएएनएस

डीएससी


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