पूर्व सीएम ममता बनर्जी के पास 21 जुलाई मनाने का नैतिक अधिकार नहीं : अग्निमित्रा पॉल


कोलकाता, 21 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई की घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा मामले की फाइल्स दोबारा खोलने की घोषणा के बाद राज्य की शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के पास अब 21 जुलाई को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर कई तथ्य सामने आएंगे।

अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि 21 जुलाई के कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोला। उन्हें खुद पता है कि इस घटना को लेकर नैतिक रूप से उनका पक्ष कमजोर है। यह समझ से परे है कि आखिर किस आधार पर तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई का कार्यक्रम आयोजित करती है।

उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम में पार्टी के झंडे हटाने और उससे जुड़े विवाद को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आई हैं। यह भी जांच का विषय है कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग थे, क्योंकि आज तृणमूल कांग्रेस के भीतर कई गुट सक्रिय हैं और आपसी खींचतान भी लगातार बढ़ रही है।

अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में सुवेंदु अधिकारी ने 21 जुलाई से जुड़ी रिपोर्ट विधानसभा में एक्सपोज कर दी। यह पता चला है कि गोलीबारी में मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए और घायलों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने की सिफारिश की गई थी। लेकिन, राज्य सरकार ने इन सिफारिशों का पालन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए के बजाय केवल 2 लाख रुपए दिए गए। इसी तरह, घायलों को भी तय राशि के मुकाबले बेहद कम मुआवजा दिया गया। उस समय की सरकार ने उन लोगों के साथ भी समान व्यवहार किया, जो अलग-अलग परिस्थितियों में मारे गए, जिससे पीड़ित परिवारों के साथ न्याय नहीं हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की जांच से जुड़ी आयोग की रिपोर्ट, जो जनता के पैसे से तैयार हुई थी, उसे सार्वजनिक नहीं किया गया। यदि रिपोर्ट सामने आती तो कई अधिकारियों और तत्कालीन प्रशासन की भूमिका उजागर हो जाती। साथ ही, जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें कार्रवाई के बजाय बाद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और पद दिए गए। अब यदि मामले की फाइलें दोबारा खुलती हैं तो कई तथ्यों से पर्दा उठेगा और जनता के सामने सच्चाई आएगी।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि वर्षों तक 21 जुलाई के नाम पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित कर बंगाल की जनता की भावनाओं से खेला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन परिवारों ने परिजनों को खोया, उन्हें न्याय नहीं मिला, जबकि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा है कि जिन परिवारों को अब तक निर्धारित मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। अग्निमित्रा पॉल ने पूर्व मुख्यमंत्री से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच दोबारा होती है तो 21 जुलाई से जुड़े कई पुराने सवालों के जवाब जनता के सामने आएंगे।

–आईएएनएस

पीएसके/एबीएम


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