विदेश मंत्रालय ने वेटिकन के राजदूत आर्कबिशप गिरेली को दी विदाई, उनकी भूमिका को भी सराहा

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय ने भारत में होली सी (वेटिकन) के अपोस्टोलिक नन्सियो (राजदूत) आर्कबिशप लियोपोल्डो गिरेली के सम्मान में एक फेयरवेल डिनर का आयोजन किया। यह आयोजन उनके भारत में कूटनीतिक कार्यकाल के समापन के अवसर पर किया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भारत में द होली सी के अपोस्टोलिक नन्सियो, आर्कबिशप लियोपोल्डो गिरेली को विदाई देने के लिए एक डिनर आयोजित किया। सचिव (पश्चिम) ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए धन्यवाद दिया और उनके भविष्य के कामों में सफलता की कामना की।”
सिबी जॉर्ज द्वारा होस्ट किए गए डिनर में वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और इसमें भारत और द होली सी, जो रोमन कैथोलिक चर्च की सेंट्रल गवर्निंग बॉडी है, के बीच अच्छे संबंधों पर बातचीत हुई।
इस इवेंट में आर्कबिशप गिरेली और भारतीय अधिकारियों के बीच ग्रुप फोटो और हैंडशेक शामिल था। यह उनके कार्यकाल के दौरान करीबी डिप्लोमैटिक जुड़ाव को दिखाता है।
आर्कबिशप गिरेली ने 2021 से मार्च 2026 में क्रोएशिया में अपनी हालिया नियुक्ति तक भारत और नेपाल में वेटिकन के राजदूत के तौर पर काम किया। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने भारत और द होली सी के बीच बातचीत को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, खासकर सोशल आउटरीच, शिक्षा और इंटरफेथ जुड़ाव जैसे आपसी हितों के क्षेत्रों में।
अपोस्टोलिक नन्सियो, द होली सी के डिप्लोमैटिक प्रतिनिधि के तौर पर काम करते हैं और कैथोलिक चर्च और मेजबान देश की सरकार के बीच बातचीत को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही वो बड़े डिप्लोमैटिक सहयोग में भी मदद करते हैं।
भारत और द होली सी के बीच 1948 से लंबे समय से राजनयिक संबंध हैं। दशकों से, इस संबंध की पहचान नियमित उच्च-स्तरीय बातचीत और मानवीय और सामाजिक मुद्दों पर सहयोग से रही है। आर्कबिशप गिरेली के कार्यकाल को संबंधों को बनाए रखने और गहरा करने की इन कोशिशों को जारी रखने के तौर पर देखा जा रहा है।
क्रोएशिया में उनका ट्रांसफर वेटिकन के रूटीन डिप्लोमैटिक फेरबदल के हिस्से के तौर पर हुआ है और भारत में उनके बाद आने वाले राजदूत से उम्मीद है कि वे तय द्विपक्षीय प्राथमिकताओं के हिसाब से बातचीत जारी रखेंगे।
–आईएएनएस
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