मध्य प्रदेश: पन्ना में महिला खनिक को मिला 6.54 कैरेट का हीरा


पन्ना, 19 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के जरुआपुर गांव में एक उथली खदान से 6.54 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

हीरा विशेषज्ञों के अनुसार, 20 लाख रुपए से अधिक मूल्य के इस अनमोल रत्न को स्थानीय महिला पट्टेदार मीना देवी ने खोजा है। हीरा कार्यालय ने उन्हें इस वर्ष की शुरुआत में उथली खदान का एक छोटा पट्टा दिया था। वह नोएडा की निवासी हैं।

मीना सिंह ने इस वर्ष मार्च में हीरे की खान का पट्टा प्राप्त किया और तब से लगन से काम कर रही हैं। अथक परिश्रम और प्रतीक्षा के बाद, उनकी लगन रंग लाई जब उन्हें उत्कृष्ट गुणवत्ता का 6.54 कैरेट का अनमोल हीरा मिला।

इस खोज से उनके परिवार और पूरे गांव में अपार खुशी का माहौल है, और स्थानीय लोग इसे पन्ना की हीरा-समृद्ध भूमि से मिला एक और अनमोल उपहार मानकर जश्न मना रहे हैं।

हीरा कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, हीरे को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी गोपनीयता के साथ पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में जमा कराया गया था। इस महत्वपूर्ण खोज की खबर तेजी से फैल गई।

स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार, अब इस रत्न को अधिकारियों द्वारा आयोजित आगामी हीरा नीलामी में प्रदर्शित किया जाएगा। नीलामी के बाद, सरकारी निर्धारित राजस्व हिस्सेदारी और लागू शुल्क प्राप्त राशि से काट लिए जाएंगे, जिसके बाद शेष राशि मीना सिंह को हस्तांतरित कर दी जाएगी।

यदि हीरे की अनुमानित कीमत या उससे अधिक प्राप्त होती है, तो यह मीना और उसके परिवार के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

ग्रामीणों ने मीना की सफलता की सराहना करते हुए कहा है कि पन्ना अपने खानों में ईमानदारी से काम करने वालों पर कृपा बनाए रखता है। इस कहानी ने छोटे पैमाने पर हीरा खनन की संभावनाओं और इस पारंपरिक लेकिन चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी के बारे में चर्चा को फिर से हवा दी है।

पन्ना मध्य प्रदेश में स्थित भारत के सबसे पुराने और प्रसिद्ध हीरा खनन क्षेत्रों में से एक है। यहां की हीरा खदानें सदियों से बेहतरीन रत्नों का उत्पादन करती हैं। इस क्षेत्र में मशीनीकृत और पारंपरिक दोनों प्रकार की उथली खदानें हैं, और सतत खनन को बढ़ावा देने के लिए पट्टे संबंधी सख्त सरकारी नियम लागू हैं। पन्ना हीरा कार्यालय खनन, पंजीकरण और नीलामी की देखरेख करता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और राज्य को राजस्व प्राप्त होता है।

–आईएएनएस

एमएस/


Show More
Back to top button