पाकिस्तान में गुरुद्वारे के अंदर सिख दंपती की हत्या के बाद से अल्पसंख्यक समुदायों में बढ़ा डर: रिपोर्ट

इस्लामाबाद, 19 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक गुरुद्वारे के अंदर एक बुजुर्ग सिख दंपती की हत्या के बाद धार्मिक अल्पसंख्यकों में डर का माहौल पैदा हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अल्पसंख्यक समुदायों का कहना है कि वे लंबे समय से कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के निशाने पर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, 17 जून को 72 वर्षीय जगन्नाथ वंती और उनकी 69 वर्षीय पत्नी आशा वंती खैबर पख्तूनख्वा के मरदान में स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर थे। तभी मोटरसाइकिल पर आए कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की और मौके से फरार हो गए।
पेशावर के एक सिख बुजुर्ग साहिब सिंह ने कहा कि दिनदहाड़े हुई इस दोहरी हत्या से पूरे समुदाय में दहशत फैल गई है।
उन्होंने यूनियन ऑफ कैथोलिक एशियन (यूसीए) न्यूज से बात करते हुए कहा कि यह घटना मुहर्रम के पहले दिन हुई, जब सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी होनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा में हुई यह कथित लापरवाही मरदान जिले की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। मरदान की आबादी करीब 27 लाख है, जिसमें 99.5 प्रतिशत से ज्यादा लोग मुस्लिम हैं, जबकि ईसाई, हिंदू और सिख अल्पसंख्यक हैं। समुदाय के नेताओं के अनुसार, मरदान में लगभग 350 सिख, 1300 हिंदू और करीब 7500 ईसाई रहते हैं।
मुहर्रम के दौरान पाकिस्तान में धार्मिक जुलूसों और सभाओं की सुरक्षा के लिए हजारों पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात किए जाते हैं। सिख समुदाय के सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में खैबर पख्तूनख्वा में 25 से अधिक सिखों की हत्या की जा चुकी है, जिनमें से ज्यादातर हमले पेशावर में हुए।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान तालिबान और तथाकथित इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूहों सहित कई उग्रवादी संगठन अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाते रहे हैं। उनकी कट्टरपंथी विचारधारा के अनुसार ये समुदाय हमलों के वैध लक्ष्य माने जाते हैं।
साहिब सिंह ने कहा कि दुर्भाग्य से आज कोई भी पूजा स्थल सुरक्षित महसूस नहीं होता। उन्होंने हत्याकांड की पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने तथा अल्पसंख्यक समुदायों को बेहतर सुरक्षा देने की मांग की।
प्रांतीय विधानसभा के हिंदू सदस्य सुरेश कुमार ने भी पुलिस से इस हत्या के दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की अपील की।
इससे पहले अप्रैल में एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार संगठन ने पाकिस्तान के सिंध में एक युवा हिंदू कारोबारी की बेरहमी से हत्या किए जाने की जानकारी दी थी।
वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) के अनुसार, विशाल कुमार नामक युवक की सिंध के सुक्कुर शहर में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना लोगों की आंखों के सामने हुई, जिसके बाद पूरे शहर में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया।
संगठन ने कहा कि यह हत्या खुलेआम और बेहद निर्ममता से की गई, जिससे स्थानीय अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं।
–आईएएनएस
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