योजनाओं से बदली हमीरपुर की कीर्ति की तकदीर, ‘प्रेरणा कैंटीन’ बनी आत्मनिर्भरता का मॉडल

लखनऊ, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजनाएं अब जमीनी स्तर पर बदलाव की कहानी लिख रही हैं। हमीरपुर जनपद की कीर्ति सिंह इसकी एक सशक्त मिसाल बनकर उभरी हैं।
एक समय अध्यापिका और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाली कीर्ति के जीवन में वर्ष 2018 में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। इस फैसले ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ समाज में एक नई पहचान भी दिलाई।
कीर्ति ने अगस्त 2025 में 10 महिलाओं के साथ मिलकर हमीरपुर के दरियापुर स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में ‘प्रेरणा कैंटीन’ की शुरुआत की। करीब 11 लाख रुपए के निवेश से शुरू हुआ यह प्रयास आज एक सफल उद्यम बन चुका है, जिसका टर्नओवर लगभग 1.25 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वर्तमान में इस कैंटीन से 8 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें हर महीने करीब 8 हजार रुपए की आय हो रही है। यह कैंटीन केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि पोषण और स्वच्छता का भी उदाहरण बनकर सामने आई है।
यहां 332 बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक नाश्ता, दूध और भोजन किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही विद्यालय के शिक्षकों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की गई है। कीर्ति का मानना है कि स्वच्छ और पौष्टिक भोजन ही स्वस्थ समाज की नींव है और इसी सोच के साथ वह इस कार्य को आगे बढ़ा रही हैं।
कीर्ति सिंह की सफलता प्रदेश सरकार की योजनाओं, विशेषकर स्वयं सहायता समूह और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है। बैंक सखी के रूप में कार्य करने से शुरू हुआ उनका सफर अब उद्यमिता तक पहुंच चुका है।
कीर्ति ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन भी किया है, ताकि अपने व्यवसाय का और विस्तार कर सकें। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाएं सही लाभार्थियों तक पहुंचती हैं और उनमें मेहनत व संकल्प जुड़ जाता है तो बदलाव की नई इबारत लिखी जाती है। आज कीर्ति न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
–आईएएनएस
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