यूजीसी के नए रेगुलेशन से मुकदमेबाजी बढ़ेगी: किसान नेता राकेश टिकैत

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए रेगुलेशन पर रोक लगाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैट अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूजीसी के नए रेगुलेशन से मुकदमेबाजी बढ़ेगी।
किसान नेता राकेश टिकैत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “पिछले दिन तीन दिनों में यूजीसी के नए रेगुलेशन का बहुत विरोध हुआ, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया। कोर्ट ने इस मामले में पूरे दस्तावेज को पेश करने का आदेश दिया है। इसमें क्या खामियां हैं, क्या संशोधन करना है या फिर रोक लगेगी, यह देखने वाली बात है।”
किसान नेता ने कहा, “किसी को दिक्कत हुई होगी। जिन जातियों को इस नए रेगुलेशन से दिक्कत है, उनके साथ बैठकर बातचीत करें। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। पहले भी बहुत सी विवादित चीजें हुई हैं। अगर ऐसे ही जारी रहेगा, तो देश जातियों में बंट जाएगा। ऐसे में सभी को एक करना बहुत मुश्किल हो जाएगा जब देश में कोई मुसीबत आएगी।”
उन्होंने कहा, “यूजीसी के नए रेगुलेशन से बहुत नुकसान होगा। इससे सरकार का कुछ बिगड़ता नहीं है। जैसे कोई नाराज है और कहे कि वह भाजपा को वोट नहीं देगा और बताए कि वह नोटा पर वोट देगा, तो इससे सरकार का ही फायदा होगा। अगर कोई वोट नहीं डालेगा तो फायदा सरकार का ही होगा। सरकार वही काम करेगी, जिसका उसे फायदा होगा।”
राकेश टिकैट ने कहा, “सरकार लोगों को जातियों में बांटना चाहती है। इससे मुकदमेबाजी काफी ज्यादा होगी। मान लीजिए एससी समाज कुछ जानता नहीं है, लेकिन दूसरे तो पढ़े-लिखे हैं। वे इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। संविधान के अंतर्गत सभी को अधिकार दिया गया है। उसी के तहत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।”
सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही लागू रहेंगे।
–आईएएनएस
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