केंद्रीय बजट 2026 से हर वर्ग परेशान, सरकार ने नहीं दिया किसी पर ध्यान: अजय राय

लखनऊ, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट 2026 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने लोगों को गुमराह करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि आज हर वर्ग परेशान है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “रेलवे में उन्होंने सभी सीनियर सिटीजन के लिए कोटा खत्म कर दिया है और ज्यादातर रेलवे सुविधाएं भी कम कर दी हैं। किसानों, मजदूरों और मनरेगा श्रमिकों को सही मजदूरी नहीं मिल रही है और मनरेगा कार्यक्रम को कमजोर किया जा रहा है। कुल मिलाकर, यह सब जनता को धोखा देने के लिए सिर्फ खोखली बातें हैं।”
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल झूठ बोलती है, जनता को ठगती है और सोना और चांदी पूरी तरीके से सस्ते हो गए हैं। अब सोचो देश का क्या होगा? सेंसेक्स कई सौ अंक नीचे गिर गया। इससे साबित हो रहा है कि पूरी तरीके से सरकार फेल हो चुकी है। सरकार को तत्काल जाना चाहिए। उसके बाद ही देश का कल्याण हो सकता है।
अजय राय ने कहा कि किसानों को भी फसल में लागत मूल्य नहीं मिल रहे हैं, चाहे गन्ना हो या धान हो। धान के केंद्र पर कहीं धान खरीदी नहीं हो रही है। खाद नहीं मिल रही, सरकार केवल झूठी बात और मीडिया मार्केटिंग से अपना काम कर रही है। जनता समझ चुकी है और ये सरकार जाने वाली है।
कांग्रेस के महासचिव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “पिछले ग्यारह वर्षों में अर्थव्यवस्था और इस देश की आर्थिक स्थिति जिस तरह से टूटी रही है, मुझे लगता है कि किसी प्रकार का अनुभव नहीं होने के कारण ये सब हो रहा है। सामाजिक अर्थव्यवस्था पहले बहुत सुचारू रूप से चल रही थी और भारत को हम पूरे विश्व की शक्ति के रूप में जोड़ना चाहते हैं; ऐसे में आंतरिक रूप से यहां का किसान, यहां का युवा वर्ग, यहां की मातृशक्ति और छोटे-छोटे व्यापारी बुरी तरह से त्रस्त हैं।”
उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है और इतना ही नहीं, बड़े-बड़े उद्योगों को जिस प्रकार का अधिकार है और उनके फायदे के लिए जो निर्णय हो रहे हैं, जो कानून बनाए जा रहे हैं और आज के बजट में भी जिस प्रकार के प्रावधान किए गए हैं, उससे फायदा मात्र बड़े उद्योगपतियों को ही होगा। छोटा किसान, मजदूर रे मनरेगा जैसी योजनाएं पूर्ण रूप से विफल होती दिखती हैं।
–आईएएनएस
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