1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: विदेश मंत्रालय


नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार के अनुसार देशवासियों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना बाजार की स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता आधारित रणनीति का हिस्सा है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये बात कही।

उन्होंने कहा, ” जहां तक ​​भारत की एनर्जी सिक्योरिटी या एनर्जी सोर्सिंग का सवाल है, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑब्जेक्टिव मार्केट स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के हिसाब से एनर्जी सोर्सिंग में विविधता लाना इसे सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी मकसद को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं और आगे भी लिए जाएंगे।”

वेनेजुएला के साथ भारत के एनर्जी संबंधों पर एक और सवाल का जवाब देते हुए, एमईए प्रवक्ता ने कहा कि यह दक्षिण अमेरिकी देश लंबे समय से कच्चे तेल और व्यापार और निवेश क्षेत्रों में भारत का प्रमुख भागीदार रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की आपूर्ति के विकल्पों की कमर्शियल व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए तैयार है।

जायसवाल ने कहा, “जहां तक ​​वेनेजुएला का सवाल है, यह एनर्जी के क्षेत्र में, व्यापार और निवेश दोनों तरफ से हमारा लंबे समय से भागीदार रहा है। हम 2019-20 तक वेनेजुएला से एनर्जी या कच्चा तेल आयात कर रहे थे, और उसके बाद, हमें इसे रोकना पड़ा। फिर से, हमने 2023-2024 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंधों के फिर से लगाए जाने के कारण इसे रोकना पड़ा।”

उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, भारतीय पीएसयू ने वेनेजुएला की नेशनल ऑयल कंपनी, पीडीवीएसए के साथ साझेदारी स्थापित की है, और हमारे पीएसयू 2008 से देश में मौजूद हैं। एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की आपूर्ति करने वालों के विकल्पों के कमर्शियल फायदों का पता लगाने के लिए तैयार है।”

पिछले हफ्ते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिग्ज गोमेज का फोन आया था, और दोनों नेताओं ने अपनी बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी को गहरा करने पर विस्तार से चर्चा की थी।

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति, डेल्सी रोड्रिग्ज के फोन कॉल का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा, “हम इस बात पर सहमत हुए कि आगामी वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साझा विजन के साथ, हम सभी क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा और व्यापक करेंगे।”

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में भारत-वेनेजुएला साझेदारी को और बढ़ाने और गहरा करने पर सहमत हुए हैं।

–आईएएनएस

केआर/


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