जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मुठभेड़, तीन सैनिक घायल, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी की घेराबंदी


जम्मू, 31 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के डोलगाम गांव में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन के दौरान शनिवार को तीन सैनिक घायल हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए घेराबंदी में फंसे हुए थे।

अधिकारियों ने बताया कि तीन सैनिक शनिवार सुबह किश्तवाड़ जिले के डोलगाम गांव में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच जारी मुठभेड़ के दौरान घायल हो गए।

उन्होंने कहा कि 2 से 3 जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए घेराबंदी में फंसे हुए थे।

मुठभेड़ 31 जनवरी को तड़के सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों से फिर से संपर्क स्थापित करने के बाद शुरू हुई थी, जब संयुक्त ऑपरेशन चल रहा था। यह आतंकवाद विरोधी अभियान अभी भी क्षेत्र में जारी है।

शनिवार को डोलगाम गांव में सुरक्षा बलों और छिपे हुए आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ फिर से शुरू हो गई, क्योंकि संयुक्त बल 18 जनवरी के बाद आतंकवादियों के ठिकाने का पता लगाने में सफल रहे थे।

जम्मू में नागरोटा स्थित सेना के व्हाइट नाइट कोर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी है।

शनिवार को सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच डोलगाम गांव में गोलीबारी की शुरुआत हुई।

अधिकारियों ने सुरक्षा उपाय के तहत शुक्रवार को डोलगाम मुठभेड़ स्थल सहित बड़े क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवा को निलंबित कर दिया था।

18 जनवरी को किश्तवाड़ के चात्रू के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में एक खोज अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच कई घंटों तक मुठभेड़ हुई थी।

यह अभियान व्हाइट नाइट कोर द्वारा ‘ऑपरेशन ट्राशी-आई’ नाम के तहत संयुक्त बलों द्वारा शुरू किया गया था। चात्रू में 18 जनवरी को आतंकवादियों के साथ शुरुआती गोलीबारी में एक सेना का पैराट्रूपर शहीद हो गया था।

आर्मी ने 19 जनवरी को शहीद पैराट्रूपर को श्रद्धांजलि देते हुए एक्स पर लिखा था, “व्हाइट नाइट कोर के जीओसी और सभी रैंक हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जो 19 जनवरी 2026 की रात ऑपरेशन के तहत सिंगपुरा क्षेत्र में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए। हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण को सम्मानित करते हैं और इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं।”

सुरक्षा बलों ने 19 जनवरी के बाद आतंकवादियों का पता लगाने के लिए खोज अभियान जारी रखा और 12 दिन बाद उन्हें डोलगाम गांव में ट्रेस कर लिया। मुठभेड़ स्थल से अब और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी


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