राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव जल्द, नवनियुक्त संयोजक ने दिए बड़े सुधारों के संकेत

जयपुर, 30 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एड-हॉक कमेटी के नवनियुक्त संयोजक, मोहित यादव ने बड़े सुधारों का संकेत देते हुए कहा है कि आरसीए के लंबे समय से लंबित चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएंगे।
यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारा मुख्य ध्यान आरसीए के कामकाज और उसकी दिशा, दोनों को बेहतर बनाने पर है। इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे।”
पूर्व संयोजक दीनदयाल कुमावत के साथ विवाद पर बात करते हुए, यादव ने स्वीकारा कि उनके बीच मतभेद थे, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे काम करने का तरीका अलग-अलग था, लेकिन हमारा लक्ष्य एक ही था। पहले कुछ लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका था, लेकिन अब हम अपनी नई टीम के साथ मिलकर उन लक्ष्यों को जरूर हासिल करेंगे।”
नई गठित एड-हॉक कमेटी में मोहित यादव, धनंजय सिंह खिंवसर, आशीष तिवारी, अरिष्ट सिंघवी और अर्जुन बेनीवाल शामिल हैं। इन सभी सदस्यों ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। यादव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आरसीए के चुनाव कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, क्योंकि ये चुनाव पिछले लगभग दो वर्षों से लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा, “हम इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एसोसिएशन को एक स्थायी और लोकतांत्रिक तरीके से चुना हुआ नेतृत्व मिल सके।”
मोहित यादव ने इस बात पर भी असंतोष व्यक्त किया कि इस सीजन में राजस्थान को आईपीएल के केवल चार मैच ही आवंटित किए गए हैं, जिसे उन्होंने अपर्याप्त बताया। उन्होंने अगले वर्ष राज्य के लिए और अधिक मैच हासिल करने हेतु बेहतर योजना बनाने का आश्वासन दिया, और कहा कि राजस्थान प्रीमियर लीग (आरपीएल) को स्थानीय स्तर पर आयोजित करने के प्रयास भी किए जाएंगे।
कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, धनंजय सिंह खिंवसर ने नए नेतृत्व में अपना पूरा विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा, “मोहित यादव के नेतृत्व में हमें पूरा विश्वास है कि चुनाव जल्द ही संपन्न हो जाएंगे और एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।”
नई एड-हॉक कमेटी के गठन के साथ ही, राजस्थान में जल्द चुनाव और बेहतर क्रिकेट प्रशासन की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिससे राज्य में इस खेल के लिए एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है।
–आईएएनएस
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