नशीले पदार्थों का व्यापार दुश्मन देशों के आतंकी एजेंडे का हिस्सा : पीएम मोदी


नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि दुश्मन देश भारत में ड्रग्स भेजकर और युवाओं को निशाना बनाकर देश को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अवैध ड्रग्स के कारोबार को दुश्मन के “आतंकवादी एजेंडे” का हिस्सा बताया।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत के मौके पर युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उनसे नशे से दूर रहने और 2047 तक विकसित भारत बनाने में अहम भूमिका निभाने का आग्रह किया।

पीएम मोदी ने कहा, “जब कोई युवा नशे की लत का शिकार होता है, तो सिर्फ वही व्यक्ति नहीं हारता, बल्कि एक सपना भी टूट जाता है। नशे की लत के नतीजे सिर्फ व्यक्ति और परिवार तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि देश पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। इससे देश की ताकत कमजोर होती है और दुश्मन देश हमारे युवाओं को नशे के जाल में फंसाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं।”

नशीले पदार्थों की तस्करी को भारत को नुकसान पहुंचाने की एक सोची-समझी चाल बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “ड्रग्स की सप्लाई से मुनाफा कमाना और हमारे जैसे देश को बर्बाद करने की कोशिश करना भी उनके आतंकी एजेंडे का हिस्सा है। इसलिए, हमें हर युवा को नशे की लत से बचाना है। आपको ड्रग्स से दूर रहकर अपनी क्षमता को बचाए रखना होगा।”

नशे के सेवन के लंबे समय तक रहने वाले बुरे नतीजों के बारे में युवाओं को आगाह करते हुए उन्होंने कहा, “ड्रग्स आपको कुछ समय के लिए तो नशा या उत्साह देते हैं, लेकिन वे आपके परिवार को बर्बाद कर देते हैं।”

नशा छुड़ाने और सुधार (रिहैबिलिटेशन) के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इसे सामाजिक प्रतिष्ठा के दबाव में छिपाएं नहीं। जिन्हें मदद की जरूरत है, उन्हें मदद लेनी चाहिए। उनसे खुलकर बात करें, विशेषज्ञों की मदद लें और मेडिकल प्रोफेशनल्स के सहयोग से अपने बच्चे को नशे की लत से मुक्त कराने की कोशिश करें। हमें परिवार के भीतर बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करने का माहौल भी बनाना चाहिए ताकि इससे पहले कि वे ऐसी स्थिति में फंसें, हम उनका हाथ थाम सकें। अगर आप थोड़ा ध्यान दें तो आपको संकेत मिल जाएंगे, आप उनके व्यवहार में बदलाव देख सकते हैं। वे खोए-खोए से लग सकते हैं, अपना चेहरा छिपाने लग सकते हैं, अपने कमरों में बंद रह सकते हैं, देर रात घर आ सकते हैं या बेवजह पैसों की मांग कर सकते हैं। ये कुछ ऐसे संकेत हैं जिनसे पता चलता है कि कुछ गड़बड़ हो सकती है।”

–आईएएनएस

ओपी/एएस


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