मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों में इस साल से लागू होगा डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम, मूल्यांकन प्रक्रिया होगी पारदर्शी: इंदर सिंह परमार


कटनी, 27 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि इस साल प्रदेश के विश्वविद्यालयों में डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक परीक्षाओं की कॉपियों को बंडल में पैक करके ऑफलाइन जांच के लिए ले जाया जाता था, लेकिन अब ऑनलाइन मूल्यांकन से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।

परमार ने कहा कि विद्यार्थी अपनी कॉपी का मूल्यांकन ऑनलाइन देख सकेंगे और यदि चाहेंगे तो उसी समय अपनी कॉपी भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए सभी विश्वविद्यालय काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि विश्वसनीयता भी काफी मजबूत होगी।

इंदर सिंह परमार ने इसे एक बड़ा नवाचार बताया और कहा कि मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम को लागू कर रहा है। उनके अनुसार, सभी विश्वविद्यालय इस पर काम कर रहे हैं और आने वाले समय में यह छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। इससे न केवल मूल्यांकन की प्रक्रिया तेज होगी बल्कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम हो जाएगी।

इसके अलावा, इंदर सिंह परमार ने प्रदेश में दूसरी नई पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश देश का हृदय प्रदेश है और इसलिए यहां भारतीय भाषाओं को जोड़ने का काम किया जाएगा।

तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, मराठी, पंजाबी, बंगाली, ओड़िया, असमिया, मणिपुरी, सिंधी और गुजराती जैसी भाषाओं को विश्वविद्यालयों के क्रेडिट सिस्टम में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह होगा कि भाषाओं को जोड़कर उनका महत्व बढ़ाया जाए और उन्हें तोड़ने या भेदभाव का कारण बनने से रोका जाए।

इससे केवल भाषा सीखने तक ही सीमित नहीं रह जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों की बहुभाषी क्षमता और सांस्कृतिक समझ भी मजबूत होगी। इसके साथ ही यह मध्य प्रदेश की शैक्षिक नीतियों में एक नया आयाम जोड़ने का काम करेगी।

–आईएएनएस

पीआईएम/वीसी


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