देवदत्त पड्डिकल: घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के बाद भी टीम इंडिया में मौका नहीं
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। घरेलू क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारतीय टीम में एंट्री की राह खोलता है। ईशान किशन का टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन इसका ताजा उदाहरण है, लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पड्डिकल के मामले में ऐसा नहीं है। रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद भी वह भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पड्डिकल कर्नाटक की तरफ से खेल रहे हैं। सीजन 2025-26 में वह 6 मैचों की 6 पारियों में 4 शतक और 1 अर्धशतक की मदद से 605 रन बना चुके हैं। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों 100 से ऊपर है।
देवदत्त पड्डिकल भारत के ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के तीन सीजन में 600 या उससे अधिक रन बनाए हैं। इससे पहले देवदत्त ने साल 2019-20 में 609 और 2020-21 में 737 रन बनाए थे।
वनडे फॉर्मेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अब तक भारतीय वनडे टीम में डेब्यू का मौका नहीं मिला है।
वह भारतीय टीम की तरफ से 2 टेस्ट और 2 टी 20 मैच खेले हैं। टेस्ट में एक अर्धशतक की मदद से 90 और टी 20 में उनके बल्ले से 38 रन आए हैं। घरेलू क्रिकेट में जिस वनडे फॉर्मेट में वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उसमें उन्हें अब तक मौका नहीं मिला है। विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उन्हें न्यूजीलैंड सीरीज के लिए नहीं चुना गया है।
पड्डिकल के लिस्ट ए करियर पर गौर करें तो 38 मैचों की 37 पारियों में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 13 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 2,585 रन बनाए हैं। उनका औसत 83.38 रहा है। सर्वाधिक स्कोर 152 है। टेस्ट और टी20 फॉर्मेट में डेब्यू के बाद पड्डिकल का वनडे फॉर्मेट में डेब्यू का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
–आईएएनएस
पीएके