जातीय संघर्ष के बावजूद मणिपुर में विकास पहल को आगे बढ़ाया जाना चाहिए : सीएम बीरेन सिंह

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इंफाल, 10 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के दस महीने से अधिक समय से जातीय संघर्ष से जूझने के बीच मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रविवार को विभिन्न क्षेत्रों में आबादी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इसके बावजूद विकास पहल को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

इंफाल पूर्वी जिले के लमलाई में एक प्राकृतिक घास फुटबॉल मैदान के निर्माण के शुभारंभ पर अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा, “विकास कार्यों को जारी रखने की जरूरत है, हालांकि राज्य कठिन दौर से गुजर रहा है।”

गृह विभाग संभालने वाले बीरेन सिंह ने विपरीत परिस्थितियों में युवाओं और महिलाओं के लचीलेपन की सराहना की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में प्रगति हासिल करने में कड़ी मेहनत और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ राज्य की मूल आबादी के बीच एकता को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों से लंबे समय से चले आ रहे सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए वाहनों और लोगों की आवाजाही को बाधित नहीं करने का आग्रह किया।

फुटबॉल मैदान मणिपुर के लिए कई परियोजनाओं का हिस्सा है, जिनकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअल तौर से रखी थी।

ईटानगर में “विकसित भारत विकसित पूर्वोत्तर” कार्यक्रम के तहत पीएम ने मणिपुर सहित छह पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 55,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अनावरण किया। इनमें से कुल 3,500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मणिपुर के लिए थीं।

बीरेन सिंह ने कहा, “जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनमें लमलाई में प्राकृतिक घास वाले फुटबॉल मैदान का निर्माण भी शामिल था और इसलिए राज्य सरकार ने रविवार को निर्माण कार्य शुरू करने का फैसला किया है।”

राज्य में चल रहे संकट के कारणों और समाधान पर संसदीय चर्चा के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य और इसके लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी सरकार के अथक प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इनर लाइन परमिट (आईएलपी) प्रणाली, मणिपुर के साथ भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने और भारत व म्यांमार के बीच मुक्त आवाजाही व्यवस्था के निलंबन की घोषणा जैसे उपायों को लागू करने का हवाला देते हुए केंद्रीय नेताओं के समर्थन और मार्गदर्शन की भी सराहना की।

–आईएएनएस

एसजीके/

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