दिल्ली स्टार्टअप महाकुंभ 2025 : 50 देशों के 3,000 से अधिक स्टार्टअप और 1,000 निवेशक होंगे शामिल


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली में तीन दिवसीय ‘स्टार्टअप महाकुंभ 2025’ का दूसरा संस्करण गुरुवार को भारत मंडपम में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। यह आयोजन भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में सबसे बड़ा समागम है, जिसमें 3,000 से अधिक स्टार्टअप अपनी नए तकनीक, उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित करेंगे। इसमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

इनोवेशन और उद्यमिता के लिए दुनिया के सबसे बड़े आयोजन के रूप में नामित ‘दिल्ली स्टार्टअप महाकुंभ 2025’ में 50 से अधिक देशों के 3,000 से अधिक स्टार्टअप, 1,000 से अधिक निवेशक और इनक्यूबेटर और 10,000 से अधिक प्रतिनिधि एक साथ आएंगे।

इस कार्यक्रम में 10 गतिशील क्षेत्रों एआई, डीप टेक, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थ टेक, बायोटेक, एग्री टेक, एनर्जी एंड क्लाइमेट टेक, इनक्यूबेटर एंड एक्सेलेरेटर, डी2सी, फिनटेक, गेमिंग एंड स्पोर्ट्स, डिफेंस एंड स्पेस टेक और मोबिलिटी को शामिल किया गया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और केंद्र की स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्टार्टअप्स को फंडिंग, नेटवर्किंग और वैश्विक कनेक्शन के अवसर प्रदान करना है।

कार्यक्रम में अपने संबोधन में सूचना और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत की विकास के संभावनाओं के बारे में आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “भारत सुरक्षित हाथों में है। हम 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे पास प्रतिभा, कौशल और तेज सरकार है। दूसरों के विपरीत, हमारी सरकार लगातार तीन बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनी गई है। आप जैसे हितधारकों के साथ मिलकर हम भारत के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए एक मजबूत, अधिक रचनात्मक और जीवंत भारत बनाने के लिए सहयोग करेंगे।”

आईएएनएस से बात करते हुए, उत्तर प्रदेश के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा, “प्रयागराज के महाकुंभ ने दुनिया को रिकॉर्ड बनाने का सार सिखाया। इसी तरह, स्टार्टअप महाकुंभ हमारे देश के विकास क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है, नई प्रतिभाओं को प्रदर्शित कर रहा है और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर कर रहा है।”

–आईएएनएस

एससीएच/जीकेटी


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