दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, दो नाइजीरियाई गिरफ्तार


नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-2 टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नाइजीरियाई नागरिकों द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 418 ग्राम कोकीन और 925 एमडीएमए (एक्स्टसी) टैबलेट बरामद की गई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस मामले में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 2 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

क्राइम ब्रांच की टीम लंबे समय से दिल्ली में सक्रिय ड्रग डीलिंग नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी। इसी कड़ी में 2 दिसंबर 2025 को हेड कांस्टेबल संदीप कादियान को गुप्त सूचना मिली कि नाइजीरियाई नागरिक फ्रैंक विटस, जो पहले भी एनडीपीएस मामलों में संलिप्त रहा है, एक बार फिर साउथ दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कोकीन और एमडीएमए जैसी प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के निर्देश पर और एसीपी डब्ल्यूआर-2 राजपाल डबस की निगरानी में इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई राहुल, एसआई मनोज कुमार मीणा, एचसी संदीप कादियान, एचसी सुशील, एचसी मयंक, एचसी हरदीप, एचसी विनोद, एचसी भंवर, एचसी नवीन, एचसी दिनेश, एचसी गौरव और कांस्टेबल संदीप कलकल शामिल थे।

टीम ने तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस के जरिए आरोपी पर नजर रखी, जो साउथ और साउथ-वेस्ट दिल्ली के इलाकों में लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। कड़ी मेहनत और सटीक इनपुट के बाद आरोपी को ट्रेस कर रेड की गई, जिसमें फ्रैंक विटस को गिरफ्तार कर उसके पास से 418 ग्राम कोकीन और 910 एमडीएमए टैबलेट बरामद की गईं।

बरामदगी के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई। पूछताछ में फ्रैंक ने खुलासा किया कि वह दिल्ली और आसपास के राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई करता है। इसके बाद पुलिस ने ड्रग्स के स्रोत तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित किया।

तकनीकी जांच और मोबाइल फोन विश्लेषण के दौरान पुलिस को पता चला कि ड्रग्स का स्रोत भी एक नाइजीरियाई नागरिक है, जो मेहरौली इलाके में रह रहा है। लगातार प्रयासों के बाद संडे ओटू नामक आरोपी को मेहरौली स्थित उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 15 एक्स्टसी टैबलेट भी बरामद की गईं। संडे ओटू ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो वर्षों से सागरपुर, दिल्ली में रह रहा था और फ्रैंक को ड्रग्स की सप्लाई करता था। फ्रैंक की गिरफ्तारी के बाद वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और हाल ही में मेहरौली आ गया था। उसने यह भी खुलासा किया कि इस पूरे सिंडिकेट का सरगना नाइजीरिया में बैठा है और ड्रग्स की डिलीवरी दिल्ली में रहने वाली एक अफ्रीकी महिला के जरिए करवाई जाती थी।

लगातार पूछताछ में फ्रैंक ने बताया कि वह वर्ष 2012 में कपड़ों के व्यापार के लिए बिजनेस वीजा पर भारत आया था। वर्ष 2015 में उसे एनसीबी ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसका पासपोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट में जमा है। वर्ष 2024 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह ककरोला रोड, हरि विहार में अकेला रह रहा था। पैसों की जरूरत के चलते उसने नाइजीरिया में रहने वाले ड्रग डीलर एलो चुक्वू से संपर्क किया, जिसने उसे दिल्ली में ड्रग्स सप्लाई का काम सौंपा।

संडे ओटू ने बताया कि वह 2015 में कपड़ों के व्यापार के लिए भारत आया था, लेकिन नुकसान होने के बाद जल्दी पैसे कमाने के लालच में वह ड्रग नेटवर्क में शामिल हो गया। उसे नाइजीरिया में बैठे एलो चुक्वू ने फ्रैंक और एक अफ्रीकी महिला के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी थी। दोनों आरोपियों के बीच सीधा संपर्क न हो, इसके लिए वह नाइजीरियाई नंबर से व्हाट्सएप के जरिए कोऑर्डिनेशन करता था।

क्राइम ब्रांच अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से दिल्ली में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और मामले में आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

पीएसके


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