महान गायिका आशा भोसले के निधन पर क्रिकेट जगत ने शोक जताया

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। महान गायिका आशा भोसले का रविवार को मुंबई में 92 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। उनके निधन पर भारतीय क्रिकेट जगत ने शोक जताया है।
गायिका आशा भोसले को शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन यहां उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका। सोमवार शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
भारतीय पुरुष टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महान आशा भोसले जी के निधन से दुखी हूं। उनकी शालीनता और बेजोड़ प्रतिभा हमेशा हमारी यादों में बनी रहेगी!”
पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आशा भोसले जी के निधन पर दिल से संवेदनाएं। एक ऐसी आवाज जो कभी फीकी नहीं पड़ेगी और एक ऐसी विरासत जिसे भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके प्रियजनों के लिए मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं।”
दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आशा भोसले के बारे में ऐसी खबरें सुनकर हमें याद आता है कि उनकी आवाज ने कितनी गहराई से पीढ़ियों को छुआ है। एक सच्ची लीजेंड जिनका संगीत समय और भावनाओं से परे है। उनकी विरासत हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी। प्रेरणा के लिए धन्यवाद।”
पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने लिखा, “आशा जी की आवाज सुनते हुए ही मैं बड़ा हुआ हूं… मूड चाहे जैसा भी हो, उनका कोई न कोई गाना हमेशा ऐसा होता था जो उस मूड पर एकदम सटीक बैठता था। उस आवाज से कितनी ही यादें और कितनी ही भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसा लगता है जैसे हमारे बड़े होने का एक हिस्सा आज खामोश हो गया है। ईश्वर आशा जी की आत्मा को शांति दे। मेरी गहरी संवेदनाएं।”
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा, “उनकी आवाज सुनते हुए ही मैं बड़ा हुआ हूं… और यह आवाज कभी पुरानी नहीं हुई। आशा भोसले जी हमेशा सदाबहार रहेंगी। ओम शांति।”
भारत की पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी आवाज सिर्फ संगीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसी भावना थी जिसने कई पीढ़ियों को छुआ। भारतीय संगीत के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”
भुवनेश्वर कुमार ने लिखा, “एक ऐसी आवाज जो जीवन के हर पड़ाव पर हमारे साथ रही। दुनिया को इतना बेहतरीन संगीत देने के लिए हम आपके आभारी हैं। आशा भोसले जी, आपको हमेशा याद किया जाएगा। परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले, यही मेरी प्रार्थना है।”
पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने लिखा, “एक सदाबहार आवाज, एक महान विरासत। आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनकी आवाज हमेशा अमर रहेगी।”
आशा भोसले, अपने जमाने की सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक थीं, जिन्होंने 1943 की मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के लिए पार्श्वगायन से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’, ‘क्या गजब करते हो जी’ और ‘ये लड़का है अल्लाह कैसा है दीवाना’ जैसे मशहूर गानों में अपनी गायकी के लिए जानी जाती हैं।
हिंदी के अलावा, उन्होंने लगभग 20 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में गाने गाए हैं। साल 2006 में, उन्होंने बताया था कि उनके नाम लगभग 12,000 गाने दर्ज हैं। साल 2000 में, उन्हें प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
–आईएएनएस
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