कांग्रेस इंसानियत और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ी है : सलमान खुर्शीद

नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से जुड़े बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर विवाद पर बीसीसीआई की टिप्पणी और उसके फैसले से उपजे हालात को लेकर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि खिलाड़ियों से जुड़े इस पूरे विवाद पर अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
सलमान खुर्शीद ने कहा कि सच्चाई यह है कि भारत और बांग्लादेश के बीच पुराने और गहरे रिश्ते रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने बांग्लादेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है और इसके लिए कई कुर्बानियां भी दी हैं। मौजूदा समय में जो कुछ भी बांग्लादेश में हो रहा है, वह न तो बांग्लादेश के हित में है, न ही क्षेत्र के लिए और न ही भारत के लिए अच्छा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर आज वही समस्याएं नए रूप में सामने आ रही हैं, तो ऐसे समय में इंसानियत के पक्ष में मजबूती से खड़े होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इंसानियत और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ी है और इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर फैसले होने चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए सलमान खुर्शीद ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़े जाने के मामले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में पूरी दुनिया में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है और एक नई वैश्विक व्यवस्था बनाने की कोशिशें चल रही हैं, या शायद वह प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यह सवाल बार-बार उठता है कि भारत इस बदलती वैश्विक व्यवस्था में क्या भूमिका निभाएगा और दुनिया को क्या योगदान देगा। सलमान खुर्शीद ने कहा कि पारंपरिक रूप से भारत का वैश्विक मंच पर एक लंबा और महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने गुटनिरपेक्ष आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद भारत ने लंबे समय तक ग्लोबल साउथ की आवाज का प्रतिनिधित्व किया। बाद के वर्षों में, जब भारत जी-20 जैसे वैश्विक मंचों का हिस्सा बना, तो देश की कोशिश एक ऐसी दुनिया को मजबूत करने की रही, जो मूल्यों और सहयोग पर आधारित हो।
सलमान खुर्शीद ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत को अपनी ऐतिहासिक भूमिका और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाना चाहिए।
–आईएएनएस
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