कांग्रेस को एक परिवार के अलावा दूसरा नेतृत्वकर्ता दिखाई नहीं देता: सांसद दिनेश शर्मा

लखनऊ, 4 जनवरी (आईएएनएस)। चुनावी राज्यों के लिए कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है, जिसकी जिम्मेदारी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को सौंपी गई है। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने रविवार को इस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एक परिवार के अलावा कोई नेतृत्वकर्ता दिखाई नहीं देता।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “कांग्रेस में अभी लोगों का गांधी परिवार से विश्वास नहीं उठा है। मेरे हिसाब से जब तक राजनीति में गांधी परिवार सक्रिय है, तब तक सोचना बेकार है। मुझे लगता है कि कांग्रेस को एक परिवार के अलावा दूसरा नेतृत्वकर्ता दिखाई नहीं देता।”
उन्होंने कहा, “जब एक नेता फेल होता है, तो दूसरे को लाते हैं, जब दूसरा फेल होता है, तो वे तीसरे को लाते हैं। परिवार के तीन सदस्यों के बीच में उनके पद और दायित्व का चक्रव्यूह फैलता है। यह उनकी पार्टी का अंदरूनी फैसला है, उस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। हालांकि कांग्रेस अब राष्ट्रीय नहीं बल्कि क्षेत्रीय दल की सीमा में आ रही है।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के परिवार के अंदर संवाद से लव जिहाद रोकने वाले बयान का भाजपा सांसद ने समर्थन किया। उन्होंने कहा, “भारत की संस्कृति का प्रतिपादन एकमात्र हल है। हमारी संस्कृति और प्राचीन परंपराएं इस प्रकार की विसंगतियों से दूर रखती थीं। आधुनिकता के परिवेश में आज यह सभी बातें खड़ी हुई हैं। मेरे हिसाब से पीएम मोदी और सीएम योगी के रहते यह संस्कार जागे हैं।”
दिनेश शर्मा ने वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान पर निशाना साधा और भारत की विदेश नीति के बारे में समझाया। उन्होंने कहा, “क्या ओवैसी भारत को आतंकी देश बनाना चाहते हैं? राष्ट्रहित भारत के लिए सर्वोपरि है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। न झुकेंगे, न झुकाएंगे और न डरेंगे और न डराएंगे। हमारी नीति सर्वे भवन्तु सुखिनः और वसुधैव कुटुंबकम की है।”
–आईएएनएस
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