सीआईए ने 'वर्ल्ड फैक्टबुक रेफरेंस टूल' का प्रकाशन बंद किया

वाशिंगटन, 5 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) ने घोषणा की है कि 60 से ज्यादा वर्षों के बाद, वह पॉपुलर वर्ल्ड फैक्टबुक रेफरेंस मैनुअल को बंद कर रही है।
सीआईए की वेबसाइट पर बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को इसका ऐलान किया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार इसमें फैक्टबुक को बंद करने के फैसले का कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन यह डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ के उस वादे के बाद आया है जिसमें उन्होंने ऐसे प्रोग्राम्स को बंद करने की बात कही थी जो एजेंसी के मुख्य मिशन को आगे नहीं बढ़ाते।
पहली बार 1962 में इंटेलिजेंस अधिकारियों के लिए एक प्रिंटेड, क्लासिफाइड रेफरेंस मैनुअल के रूप में लॉन्च की गई थी। ये फैक्टबुक गैर अमेरिकी देशों, उनकी अर्थव्यवस्थाओं, सेनाओं, संसाधनों और समाजों की डिटेल आंकड़ों के साथ पेश करती रही है।
फैक्टबुक इतनी उपयोगी साबित हुई कि दूसरी फेडरल एजेंसियों ने भी इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, और एक दशक के अंदर, इसका एक अनक्लासिफाइड वर्जन जनता के लिए जारी किया गया।
1997 में ऑनलाइन होने के बाद, फैक्टबुक जल्दी ही पत्रकारों, सामान्य ज्ञान के शौकीनों और कॉलेज निबंध लिखने वालों के लिए एक प्रमुख रेफरेंस साइट बन गई, जिस पर हर साल लाखों लोग विजिट करते थे।
एबीसी न्यूज के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में व्हाइट हाउस ने सीआईए और नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी में स्टाफ कम करने का कदम उठाया है, जिससे एजेंसी को कम संसाधनों में ज्यादा काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
फैक्टबुक के पब्लिकेशन को बंद करने के फैसले पर कमेंट मांगने वाले मैसेज का सीआईए ने कोई जवाब नहीं दिया।
बता दें कि रैटक्लिफ ने पिछले साल सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी से कहा था कि, “हम (सीआईए) वहां नहीं हैं जहां हमें होना चाहिए।”
रैटक्लिफ ने कहा था कि वह चीन को अमेरिका का सबसे बड़ा भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानते हैं, जबकि रूस, ईरान, उत्तर कोरिया और ड्रग कार्टेल, हैकिंग गैंग और आतंकवादी संगठन भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौतियां पेश कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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