चीनी राजदूत ने फिलीपींस की उत्तेजक कार्रवाई की सच्चाई बताई

बीजिंग, 22 जुलाई (आईएएनएस)। फिलीपींस स्थित चीनी राजदूत चिंग छुएन ने 21 जुलाई को मीडिया से कहा कि 20 जुलाई को रनआईच्याओ रीफ पर फिलीपींस की तरफ से जान-बूझकर की गई उकसावे भरी कार्रवाई फिलीपींस द्वारा अपने युद्धपोत को मजबूत करने की कोशिश के कारण हुई।
चिंग छुएन ने कहा कि आखिर इस घटना को कौन भड़का रहा है, वीडियो से एक नजर में ही साफ हो जाता है। फोटो और वीडियो सबसे अच्छे सबूत हैं। फिलीपींस ने सबसे पहले उत्तेजक कार्रवाई की। इसके बजाय तथ्यों को तोड़कर और दुर्भावनापूर्ण प्रचार कर चीन पर आरोप लगाया।
चिंग छुएन ने कहा कि यह घटना 20 जुलाई को सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई, जब चीनी पक्ष ने देखा कि फिलीपींस के सैनिक एक तरह का बैरियर नेट बना रहे थे और अपने युद्धपोत को मजबूत कर रहे थे। इसके लिए चीन ने जांच के लिए दो जहाज भेजे। फिलीपींस की कार्रवाई रनआईच्याओ रीफ पर दोनों पक्षों के बीच संपन्न अस्थाई व्यवस्था की भावना का उल्लंघन है। रनआईच्याओ रीफ पर कोई नई इमारत बनाने की इजाजत नहीं है। चीन केवल रोजमर्रा की जिंदगी के लिए जरूरी मानवीय सामान के परिवहन की अनुमति देता है। लेकिन फिलीपींस आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद फिलीपींस ने चीनी पक्ष को उकसाने के लिए जहाजों और कर्मियों को भेजा। फिर कुछ घटना हुई। यह स्थिति की पूरी तस्वीर है।
राजदूत चिंग छुएन ने कहा कि उन्होंने 21 जुलाई को फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज मार्कोस से मुलाकात की और इस घटना पर पूरी तरह से विचार-विमर्श किया। वर्तमान स्थिति में सबसे जरूरी बात यह है कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालात को रोकने और रिश्तों को स्थिर करने का कोई रास्ता निकाला जाए। ताकि सही रास्ते पर वापस लौटा जा सके, न कि बदनियत ताकतों द्वारा गलत रास्ते पर ले जाया गया।
चिंग छुएन ने कहा कि चाहे कोई मुश्किल क्यों न आए, चीन का “दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता” पर वार्ता बढ़ाने के दृढ़ निश्चय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। चीन की इस साल के अंत से पहले “दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता” पर वार्ता पूरा करने की इच्छा नहीं बदली है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
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