चीन हमेशा से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का दृढ़ समर्थक रहा है: डब्ल्यूटीओ प्रमुख

बीजिंग, 24 जनवरी (आईएएनएस)। हाल ही में, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की डायरेक्टर-जनरल डॉ. न्गोजी ओकोंजो-इवेला ने विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भले ही वैश्विक व्यापार नियमों पर दबाव बढ़ रहा है और संरक्षणवाद में वृद्धि हो रही है, फिर भी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली लचीला बनी हुई है, और इसे मजबूत करने के लिए सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।
इवेला के विचार में इन चुनौतियों के बावजूद, वैश्विक बहुपक्षीय प्रणाली में अभी भी लचीलापन मौजूद है। वर्ष 2025 में अमेरिका द्वारा अतिरिक्त टैरिफ लागू करने से पहले, विश्व का 80 प्रतिशत माल व्यापार डब्ल्यूटीओ के ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ (एमएफएन) नियम के तहत संचालित होता था। टैरिफ लागू होने के बाद भी, वैश्विक माल व्यापार का 72 प्रतिशत हिस्सा अभी भी एमएफएन सिद्धांत के अनुसार जारी है। इसलिए, यह प्रणाली लचीली है, लेकिन स्पष्ट रूप से इसमें सुधार की गुंजाइश भी है। इसे और मजबूत बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता है। उनका मानना है कि ये सुधार डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्य देशों द्वारा संयुक्त रूप से आगे बढ़ाए जाने चाहिए।
बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में चीन की भूमिका के बारे में बात करते हुए, इवेला ने कहा कि चीन हमेशा से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भागीदार और दृढ़ समर्थक रहा है, और विश्व व्यापार संगठन के सुधार को आगे बढ़ाने में सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाता रहा है।
डब्ल्यूटीओ महानिदेशक ने कहा कि चीन हमेशा से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का दृढ़ समर्थक रहा है। डब्ल्यूटीओ में, हमें यह देखकर खुशी होती है कि चीन ने इसका समर्थन किया है। चीन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि वह डब्ल्यूटीओ की वर्तमान और भविष्य की वार्ताओं में नए विशेष और विभेदकारी उपचार (एसएंडडीटी) की मांग नहीं करेगा। इवेला के विचार में यह बहुत अच्छा कदम है और एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करता है। उनका कहना है कि हमें डब्ल्यूटीओ के भीतर सुधारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, और इन सुधारों के लिए चीन के मजबूत समर्थन की भी आवश्यकता है। चीन की ओर से प्राप्त संदेश यह है कि वे इस पहल का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
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