भागलपुर के माणिकपुर में चैती नवरात्र की धूम, गुप्त दान से होता है भव्य आयोजन


भागलपुर, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के भागलपुर के माणिकपुर में चैती नवरात्र की पूजा बड़े उत्साह और धूमधाम से शुरू हो गई है। पिछले 19 वर्षों से यहां 300 सदस्यों के सहयोग से कलश पूजन, महाआरती और माता की प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है।

इस आयोजन को चैती दुर्गा पूजा समिति के आयोजक हरि शंकर सहाय और मेढ़पति पंडित सौरभ मिश्र के नेतृत्व में संपन्न कराया जा रहा है।

दोनों ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि माणिकपुर में चैती नवरात्र की पूजा की परंपरा बेहद खास है और यहां की बस्ती का उल्लेख साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास देवदास और उस पर बनी फिल्म में भी मिलता है।

पंडित सौरभ मिश्र ने कहा कि भागलपुर में कई जगहों पर माता की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, तो कहीं सिर्फ कलश पूजन होता है। माणिकपुर में सभी भक्त मिलकर माता की पूजा करते हैं और इसे भव्य तरीके से मनाया जाता है। यहां का आयोजन पूरी तरह से गुप्त दान पर आधारित है, जिसे समिति के सदस्य जुटाते हैं।

हरि शंकर सहाय ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य पूजा को विधि-विधान से संपन्न करना है। इस बार समिति ने कैशलेस व्यवस्था अपनाई है, जिसमें पूजा के लिए बैंक खाता खोला गया है। सदस्यों द्वारा गुप्त दान के लिफाफे पूरे गांव में बांटे जाते हैं और लोग अपनी इच्छानुसार सहयोग देते हैं। यहां रसीद नहीं छपती, बल्कि सदस्यों के सहयोग से ही सारा आयोजन धूमधाम से होता है।

हरि शंकर सहाय ने आगे बताया कि पूजा की खासियत यह है कि रोजाना माता को अलग-अलग भोग लगाया जाता है। जैसे, पांचवीं पूजा के दिन पांच केले का भोग चढ़ाया गया, और छठी पूजा के दिन छह फलों का भोग लगाया गया। यहां हर दिन विधि-विधान के अनुसार भोग तैयार किया जाता है। अष्टमी के दिन खास आयोजन होगा, जिसमें महाआरती का कार्यक्रम रखा गया है। इस मौके पर भागलपुर की तमाम पूजा समितियों और महासमिति के पदाधिकारियों को सादर आमंत्रित किया गया है।

–आईएएनएस

एसएचके/केआर


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