सीजीटीएन सर्वे : चीन-ब्रिटेन सहयोग में अपार संभावनाएं


बीजिंग, 29 जनवरी (आईएएनएस)। तेजी से अस्थिर और जटिल होते अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य के बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने चीन की यात्रा शुरू की। यह यात्रा किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के आठ साल बाद हो रही है, और स्टारमर हाल ही में चीन का दौरा करने वाले अकेले विदेशी नेता नहीं हैं।

सीजीटीएन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 85.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि विदेशी नेताओं की लगातार यात्राएं देशों के बीच समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीयता के साथ-साथ समावेशी और लाभकारी वैश्वीकरण को प्राप्त करने पर व्यापक सहमति को दर्शाती हैं।

सर्वेक्षण में पाया गया कि 64.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यात्रा का उद्देश्य विदेश संबंधों में अधिक स्थिरता लाना है। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग हमेशा से चीन-ब्रिटेन संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिसका मूल तत्व पारस्परिक लाभ है। 2025 में, वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार मूल्य 103.7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।

सर्वेक्षण के अनुसार, 85.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन का विशाल बाजार ब्रिटिश व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है।

चीन-ब्रिटेन संबंधों के बदलते स्वरूप ने बार-बार यह साबित किया है कि द्विपक्षीय सहयोग से वास्तविक लाभ मिलते हैं।

सर्वेक्षण में पाया गया कि 83.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि स्थिर और पारस्परिक रूप से लाभकारी चीन-ब्रिटेन संबंधों के लिए दोनों पक्षों को आपसी सम्मान, समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों का पालन करना और एक ही दिशा में काम करना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त, 68.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि आपसी सम्मान और व्यावहारिक सहयोग के सिद्धांतों के तहत तर्कसंगत संवाद के माध्यम से दोनों देशों के बीच मतभेदों का समाधान किया जा सकता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

एबीएम/


Show More
Back to top button