केंद्र की मोदी सरकार ने ईमानदार और भरोसेमंद नीतियां की लागू : तेजस्वी सूर्या

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोमवार को यपीए सरकार के समय राष्ट्रपति के भाषण और एनडीए सरकार के समय के भाषण के बीच बड़ा अंतर बताया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 10 सालों में सबसे ईमानदार और भरोसेमंद नीतियां लागू की हैं।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए भाजपा सांसद सूर्या ने कहा कि यह संबोधन देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।
उन्होंने कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार का 12वां साल है और इस सदन में राष्ट्रपति का पहला भाषण ऐसे समय में आया है जब आज भारत, वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने 24 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, जब हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पंख दिए जा रहे हैं, जब युवा शक्ति को इस सभ्यता के भविष्य के मशाल वाहक बनने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।
उन्होंने सरकार को मिल रहे लगातार राजनीतिक समर्थन की ओर इशारा किया। सूर्या ने कहा, “पिछले 12 सालों में हमारी सरकार और हमारे प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और राजनीतिक पूंजी लगातार बढ़ी है। यह प्रधानमंत्री के समर्पण और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि उन्हें एक या दो बार नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से प्रधानमंत्री चुना गया है।”
यूपीए के कार्यकाल से तुलना करते हुए तेजस्वी सूर्या ने कहा कि मौजूदा राष्ट्रपति का संबोधन हाल के वर्षों में देश में हुए बदलावों के पैमाने को उजागर करता है। उन्होंने इसे राष्ट्र द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिबिंब बताया। साथ ही, इसे देश के लिए एक खोए हुए अवसर के दशक और आज, पीएम नरेंद्र मोदी के तहत परिवर्तन के दशक का एक स्पष्ट उदाहरण भी बताया।
सूर्या ने कहा कि दोनों समय के बीच सबसे बड़ा फर्क यह है कि हाल के राष्ट्रपतियों के भाषणों में भ्रष्टाचार का जिक्र नहीं होता। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पिछले 10 सालों के राष्ट्रपति के भाषण में भ्रष्टाचार, घोटालों या स्कैंडल का कोई ज़िक्र नहीं है, क्योंकि हमने पिछले 10 सालों में सबसे ईमानदार और पारदर्शी सरकार दी है। यह इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।
अपनी बात पर जोर देने के लिए भाजपा सांसद ने 2011 के राष्ट्रपति के भाषण का एक पैराग्राफ पढ़ा, जिसमें भ्रष्टाचार का जिक्र था और इसकी तुलना मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान की स्थिति से की।
हाल के सालों में भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर राष्ट्रपति की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए सूर्या ने फिर से इसकी तुलना यूपीए के कार्यकाल से की। साथ ही दावा किया कि पिछले दशक में निराशा का माहौल था। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के 10 सालों के दौरान, आर्थिक चर्चा मंदी, महंगाई, चिंता, युवाओं के पास नौकरी न होना और सबसे जरूरी, बहाने के इर्द-गिर्द घूमती रही।
उन्होंने माना कि एनडीए सरकार को भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन कहा कि तरीका अलग था। सूर्या ने आगे कहा कि ऐसा नहीं था कि पिछले 10 सालों में हमें किसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। हमने सदी में एक बार आने वाली महामारी का सामना किया। लेकिन हमने महामारी की वजह से अपने घरेलू आर्थिक रिकॉर्ड को दोष नहीं दिया।
भाजपा सांसद ने यूपीए सरकार के कार्यकाल की तुलना में आतंकवाद और उग्रवाद की स्थिति में गिरावट के रुझान पर भी जोर दिया।
–आईएएनएस
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