जनगणना 2027: गृह मंत्री अमित शाह ने भरा सेल्फ-एन्यूमरेशन फॉर्म, लोगों से की भागीदारी की अपील


नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का फॉर्म भरकर इस अभियान में भागीदारी की। उन्होंने लोगों से भी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।

गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर फॉर्म भरते समय का वीडियो साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ‘आवास गणना’ के तहत अपने दिल्ली स्थित आवास पर स्वयं यह प्रक्रिया पूरी की।

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि जनगणना देश की विकास यात्रा को गति देने में अहम भूमिका निभाती है और इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही जनगणना की टीमें घर-घर जाकर आंकड़े एकत्रित करेंगी, ऐसे में नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है।

अपने पोस्ट में उन्होंने जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट का लिंक भी साझा किया और लोगों को स्वयं फॉर्म भरने के लिए प्रेरित किया, ताकि प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सके।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी तरह स्व-गणना फॉर्म भरने की जानकारी साझा करते हुए देशवासियों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है।

सरकार का मानना है कि सटीक और अद्यतन जनगणना आंकड़े नीतियों के निर्माण, संसाधनों के बेहतर आवंटन और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जनगणना 2027 को एक व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत प्रक्रिया बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दरअसल, यह कवायद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी, जो वर्षों से चली आ रही पारंपरिक कागज-आधारित प्रणाली से हटकर होगी। इसे जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत दो चरणों में संचालित किया जा रहा है।

पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (एचएलओ)—33 अधिसूचित प्रश्नों के माध्यम से आवास की स्थितियों, संपत्तियों, सुविधाओं और घरेलू विवरणों से संबंधित डेटा एकत्र करने पर केंद्रित है।

इसकी एक खास बात ‘स्व-गणना’ की शुरुआत है। इसके तहत नागरिक एक खास पोर्टल के जरिए अपनी घर-परिवार की जानकारी अपनी मर्जी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। यह 15 दिनों की समय-सीमा हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में घर-घर जाकर की जाने वाली जनगणना से पहले आती है। इसका मकसद सटीकता बढ़ाना, गलतियां कम करना और ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

–आईएएनएस

एएसएच/डीएससी


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