पाकिस्तान में एनसीसीआईए अधिकारियों पर रिश्वत और उगाही का केस दर्ज


नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) की कंपोजिट सर्किल ने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनसीसीआईए) गुजरांवाला के तीन अधिकारियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, उगाही और पद के दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज किया है।

इस घोटाले के सामने आने के बाद आरोपित अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीसीआईए के अधिकारियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों में शामिल संदिग्धों को करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर रिहा कर दिया था। यह जानकारी पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में सामने आई है।

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट और एक नागरिक की शिकायत के बाद एफआईए ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता मुजम्मिल इकबाल, जो गार्डन टाउन, गुजरांवाला का निवासी है, ने बताया कि उसे एफआईए साइबर क्राइम विंग के कुछ अधिकारियों द्वारा निजी सहयोगियों की मदद से आरोपितों से भारी रकम वसूले जाने की जानकारी मिली थी।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 2 फरवरी को कुछ अज्ञात लोग एफआईए अधिकारी बनकर मुजम्मिल इकबाल के घर में घुसे, परिवार के सदस्यों को बंधक बनाया, मोबाइल फोन जब्त किए और परिवार के पुरुष सदस्यों को प्रताड़ित किया। इसके बाद उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक कार, नकदी और एटीएम कार्ड जब्त किए गए। परिवार से एफआईए साइबर क्राइम कार्यालय में ऑनलाइन कारोबार और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर पूछताछ की गई। पीड़ितों से नकद, क्रिप्टोकरेंसी और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम वसूल की गई और कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए आगे भी पैसे की मांग की गई।

हालांकि बाद में कुछ सामान लौटा दिया गया, लेकिन नकदी और एक मोबाइल फोन वापस नहीं किया गया।

एक अन्य पीड़ित सलमान रजा ने भी आरोप लगाया कि उसके परिवार का अपहरण किया गया, उन्हें प्रताड़ित किया गया और 5 करोड़ रुपये की मांग की गई।

मुजम्मिल इकबाल ने दावा किया कि एफआईए कर्मियों की मध्यस्थता के बाद 3 करोड़ रुपये में ‘डील’ तय हुई, जिसमें से 30 लाख रुपये नकद और करीब 15 लाख रुपये बैंक और एटीएम ट्रांजैक्शन के जरिए अदा किए गए, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया।

–आईएएनएस

डीएससी


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