पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, बलूचिस्तान में दो और नागरिकों की हत्या

क्वेटा, 26 फरवरी (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता सामने आई। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना ने दो लोगों को बिना कानूनी कार्रवाई के मार डाला। ये घटना उस समय हुई, जब प्रांत में अघोषित हत्याओं और जबरन गायब कर दिए जाने की घटनाएं लगातार बनी हुई हैं।
मानवाधिकार संगठन बलूच यकजहीटी कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि नसराम बलूच का शव गुरुवार को प्रांत के मक्सीन नदी क्षेत्र में मिला। उनके शरीर पर गंभीर चोट के स्पष्ट निशान थे। उन्हें डेढ़ साल तक जबरन गायब रखा गया था। नसराम कीच जिले के बुलेडा क्षेत्र के निवासी थे।
संगठन के अनुसार, पाकिस्तानियों ने 12 अक्टूबर 2023 को नसराम को गायब कर दिया था। बाद में उनके परिवार के विरोध करने पर 13 जून 2024 को छोड़ दिया गया था। गिरफ्तारी के दौरान उन्हें यातना और अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें हेपेटाइटिस और स्थायी शारीरिक चोटें आईं।
संगठन के अनुसार, कुछ महीने बाद 8 अगस्त 2024 को फिर से नसराम को उनके बुलेडा स्थित घर से गायब कर दिया गया। आरोप है कि उस समय हथियारबंद लोगों ने घर में घुसकर उनकी मां और बहन को पीटा और नसराम को ले गए।
बलूचिस्तान में आम लोगों पर हो रहे अत्याचारों को उजागर करते हुए बीवाईसी ने कहा कि अवैध रूप से गायब किए जाने के एक दिन बाद 24 फरवरी को अवैध रूप से गायब किए गए छात्र अवैस बलूच का शव पांजगुर जिले के सिविल अस्पताल में फेंका गया।
अधिकार संस्था ने कहा कि अवैस, जो एक स्टूडेंट था, उसे 23 फरवरी को पंजगुर में उसके घर से ज़बरदस्ती गायब कर दिया गया था।
बीवाईसी ने कहा, “यह एक अलग घटना नहीं है। यह जबरन गायब करने और अघोषित हत्याओं के दर्दनाक पैटर्न का हिस्सा है। कानून तोड़ने वाले वही लोग होते हैं, जो लोगों की रक्षा करने के लिए होते हैं।
बिना किसी न्याय के हत्याओं की निंदा करते हुए, बीवाईसी ने यूनाइटेड नेशंस, ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील की कि वे पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूचिस्तान में जबरदस्ती गायब किए गए लोगों और बिना किसी न्याय के हत्याओं की तुरंत जांच करें।
–आईएएनएस
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