राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, लखनऊ में सिख समाज ने फूंका पुतला


लखनऊ, 4 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री सरदार रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा के सिख नेताओं और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का पुतला फूंका गया और ‘राहुल गांधी शर्म करो’ तथा ‘सिखों का अपमान करना बंद करो’ जैसे नारे लगाए गए। राजधानी लखनऊ के आलमबाग स्थित खालसा चौक पर गुरू गोविन्द सिंह सेवा समिति के महामंत्री एवं भाजपा नेता सरदार परविन्दर सिंह के नेतृत्व में सिख समाज के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला दहन किया।

प्रदर्शनकारियों ने सरदार रवनीत सिंह बिट्टू को संसद के मुख्य द्वार पर ‘गद्दार’ कहे जाने को पूरे सिख समाज का अपमान बताया। इस मौके पर सरदार परविन्दर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी से सिख समाज की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं और समाज में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित केंद्रीय मंत्री के खिलाफ इस तरह के शब्दों का प्रयोग न केवल असंवैधानिक है, बल्कि सिख समाज की गरिमा पर सीधा हमला है। सिख समाज राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग करता है।

उन्होंने कांग्रेस पर सिख विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का इतिहास सिख समाज के प्रति संवेदनहीन रहा है। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय सत्ता के संरक्षण में सिखों का नरसंहार किया गया, जिसकी पीड़ा आज भी समाज नहीं भूला है। उनका कहना था कि कांग्रेस आज तक उस मानसिकता से बाहर नहीं आ सकी है।

सरदार परविन्दर सिंह ने कहा कि राजनीति में विचारों के आधार पर दल बदलना असामान्य नहीं है, लेकिन किसी नेता के खिलाफ अपमानजनक और विभाजनकारी भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जानबूझकर एक सिख नेता को निशाना बनाकर पूरे सिख समाज को अपमानित करने का प्रयास किया है।

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया, तो विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे। ज्ञात हो कि संसद परिसर में हुई इस नोकझोंक का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम उस समय हुआ, जब कांग्रेस सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्ष का प्रदर्शन चल रहा था।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रदर्शन कर रहे सांसदों के समर्थन में संसद पहुंचे थे और उनके साथ खड़े नजर आए। इसी दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू संसद परिसर से गुजर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों नेताओं के आमने-सामने आते ही माहौल अचानक गर्म हो गया और कुछ देर के लिए तीखी नोकझोंक हुई। आसपास मौजूद सांसदों और सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।

घटना के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की ओर से इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर संसदीय मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर संसद के भीतर और बाहर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

— आईएएनएस

विकेटी/एएमटी


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