महाराष्ट्र: अंबरनाथ परिषद में कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से भाजपा ने हासिल किया बहुमत


अंबरनाथ (महाराष्ट्र), 6 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में एक नाटकीय राजनीतिक बदलाव ने सबको चौंका दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और एनसीपी के अजित पवार के समर्थन से अंबरनाथ नगर परिषद में बहुमत हासिल कर लिया है।

अंबरनाथ ठाणे जिले में स्थित है, जो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गृह जिला भी माना जाता है।

हाल ही में हुए नगर परिषद चुनावों में भाजपा ने अंबरनाथ में शिवसेना को हराकर वहां का शासन खत्म कर दिया।

हालांकि शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन भाजपा ने एक अप्रत्याशित गठबंधन बनाकर नगर परिषद अध्यक्ष पद हासिल कर लिया और बहुमत भी बना लिया।

59 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना को 23 सीटें मिलीं, भाजपा को 16, कांग्रेस को 12 और एनसीपी (अजित पवार गुट) को 4 सीटें मिलीं।

भाजपा (16), कांग्रेस (12) और एनसीपी (4) ने मिलकर कुल 32 सीटें हासिल कर लीं, जिससे बहुमत का आंकड़ा पार हो गया। इसके साथ ही शिंदे गुट की शिवसेना (23 सीटें) विपक्ष में चली गई।

नगर परिषद अध्यक्ष पद की लड़ाई राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई थी।

कड़े मुकाबले में भाजपा की तेजश्री करंजुले ने शिंदे गुट की उम्मीदवार मनीषा वलेकर को हराकर नगर परिषद अध्यक्ष का पद हासिल किया।

भाजपा के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने इस गठबंधन का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने शिंदे गुट के साथ महायुति को लेकर कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

इतिहास में अंबरनाथ शिवसेना और भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, जहां दोनों दलों के रिश्ते जटिल रहे हैं। राज्य स्तर पर दोनों महायुति सरकार में सहयोगी हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अक्सर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा हावी हो जाती है।

शिंदे गुट को अलग-थलग करने के लिए भाजपा का कांग्रेस के साथ हाथ मिलाना यह दिखाता है कि आने वाले बड़े राज्य चुनावों से पहले पार्टियां स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपना रही हैं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है।

इन 29 नगर निगमों में से 24 में महायुति के सहयोगी दल साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, जबकि मुंबई, ठाणे और कोल्हापुर में भाजपा और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।

–आईएएनएस

एएमटी/डीएससी


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