सेना पर राहुल गांधी की टिप्पणी के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची भाजपा

भाजपा ने बुधवार को चुनाव आयोग से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनकी उस टिप्पणी के लिए कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी सरकार ने सैनिकों की दो श्रेणियां बनाई हैं, जिनमें से एक गरीब परिवारों और आरक्षित वर्गों से है और दूसरी अमीर परिवारों से है।

केंद्रीय मंत्रियों एस जयशंकर, अर्जुन राम मेघवाल, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी और राजीव चंद्रशेखर सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग में राहुल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने कहा था कि नरेन्द्र मोदी ने दो तरह के सैनिक तैयार किए हैं, पहले में गरीबों के बेटे और वंचित, आदिवासी, पिछड़े, सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अल्पसंख्यक शामिल हैं जबकि दूसरे में वे लोग हैं जो अमीरों के बेटे हैं।

‘यह हमारे सशस्त्र बलों पर हमला है’

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह झूठ है। यह हमारे सशस्त्र बलों पर हमला है। वे इसे एक विवादास्पद विषय बनाना चाहते हैं और सशस्त्र बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं। यह चुनाव का विषय नहीं है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। गांधी ने सैनिकों के लिए अग्निपथ भर्ती योजना पर मोदी सरकार पर हमला करते हुए रायबरेली में हाल ही में एक चुनावी रैली में टिप्पणी की थी।

जयशंकर ने राहुल की टिप्पणी को बहुत गंभीर बताया

जयशंकर ने राहुल की टिप्पणी को बहुत गंभीर बताया और कहा कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने इसे चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया और उससे कांग्रेस नेता के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई करने और उन्हें अपनी टिप्पणी वापस लेने के लिए कहने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि अगर चुनाव के दौरान सेना पर ऐसे हमले किए जाते हैं, जो हमारी सीमाओं पर तैनात है और देश को चीनी बलों से सुरक्षित रखने के लिए अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर रही है।

सशस्त्र बलों के खिलाफ इस तरह के हमले हैं खतरनाक

पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी सेना पर बिना किसी कारण के और झूठ फैलाकर हमला करते हैं और कहते हैं कि अगर वे शहीद हो गए तो सरकार उनके लिए कुछ नहीं करेगी तो हम इस पर गंभीर आपत्ति जताते हैं। जयशंकर ने कहा कि सशस्त्र बलों के खिलाफ इस तरह के हमले देश के लिए बहुत खतरनाक हैं।

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