बिहार का बजट खोखली घोषणाओं से भरे, कागज के पुलिंदे से ज्यादा कुछ नहीं : रोहिणी आचार्या


पटना, 3 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार में नीतीश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश किया। 3.47 लाख करोड़ के इस बजट पर राजद अध्यक्ष लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जोरदार निशाना साधा है।

रोहिणी आचार्या ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि बिहार का बजट खोखली घोषणाओं से भरे कागज के पुलिंदे से ज्यादा कुछ नहीं होता है।

उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी वाले बजट को प्रस्तुत कर खुद अपनी पीठ थपथपाने से पहले नीतीश सरकार को ये समझना होगा कि आर्थिक विकास के साथ मानव विकास और मानव विकास की खुशहाली के सूचकों का सतत मूल्यांकन किए जाने वाली आर्थिक नीति व अर्थव्यवस्था आज बिहार की सबसे बड़ी जरूरत है। मगर अफसोस की बात है कि आज प्रस्तुत किया गया बजट इस पर मौन है। उन्होंने आगे कहा कि डबल-इंजन वाली सरकार के नीति निर्धारकों को शायद ये भान नहीं है कि विकास का पीटा जाने वाला झूठा ढिंढोरा भी जल्द ही दम तोड़ देगा।

पिछले लोकसभा चुनाव में सारण से चुनाव लड़ चुकी रोहिणी ने आगे लिखा कि राज्य के बजट के आकार और बजटीय योजनाओं के आकार में बड़ा अंतर होता है। राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हो पाता है। अधिकांश बड़ी केंद्रीय योजनाओं की राशि के लिए राज्य की ओर से प्रस्ताव तक नहीं भेजे जाते हैं और केंद्र से राशि मांगने की चिंता नहीं होती है। और अगर राशि आ भी जाती है, तो खर्च नहीं की जाती है।

उन्होंने कहा कि खर्च किया जाता तो लेखा-जोखा, हिसाब नहीं दिया जाता है। हाल ही में सीएजी के द्वारा उजागर 72 हजार करोड़ के मामले से ये बात सत्यापित भी होती है। लचर अर्थ-प्रबंधन, संस्थागत व सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार से सरकार की कोई भी योजना, सरकार का कोई भी विभाग अछूता नहीं है।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएस


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