भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बिहार भाजपा अध्यक्ष बोले- यह रणनीतिक दोस्ती को बढ़ाने वाला कदम है


नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रविवार को कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में एक नया अध्याय शुरू करेगा।

अंतरिम समझौते को लेकर बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने कहा, “भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा देता है। यह समझौता व्यापार, निवेश, तकनीक और सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, जिससे भारत को अपने विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक दोस्ती को बढ़ाने का एक कदम भी है।”

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का मकसद एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार पैक्ट का रास्ता बनाना है। घोषणा के हिस्से के तौर पर व्हाइट हाउस ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने की आधिकारिक पुष्टि की। इससे भारतीय निर्यातकों और उद्योगों को तुरंत राहत मिली।

इस व्यापार समझौते को लेकर यह बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, 2025 को शुरू की थी। अधिकारियों ने कहा कि यह अंतरिम अरेंजमेंट ज्यादा मजबूत और डायवर्सिफाइड सप्लाई चेन को समर्थन करते हुए जल्दी नतीजे देने के लिए डिजाइन किया गया है।

घोषणा में कहा गया, “अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर होगा, जो आपसी हितों और ठोस नतीजों के आधार पर आपसी और संतुलित व्यापार के लिए एक साझा प्रतिबद्धता दिखाएगा।”

बता दें, इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की और बाद में ट्रूथ सोशल पर डील का ऐलान करते हुए लिखा कि दोनों देश एक व्यापार समझौते पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने आपसी लेन-देन, मार्केट एक्सेस बढ़ाने और लंबे समय से चले आ रहे व्यापार असंतुलन को दूर करने की कोशिशों पर जोर दिया।

इसके अलावा, एक और मामले में, सांसद पप्पू यादव से जुड़ी गिरफ्तारी को लेकर संजय सरावगी ने कहा, “पप्पू यादव पर केस दर्ज है, उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना चाहिए था। उन्हें 15-20 सालों से खोजा जा रहा था। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि फरार आरोपी को सरेंडर करना होगा और अगर वारंट या अटैचमेंट ऑर्डर एग्जीक्यूट होते हैं, तो सरकार को उनकी गिरफ्तारी और जेल सुनिश्चित करनी चाहिए।”

–आईएएनएस

केके/एएस


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