साइबर फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई: 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद, 2.27 लाख हैंडसेट ब्लैकलिस्ट


नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए हैं। इसके अलावा 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है।

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) की स्थापना की है, जिससे साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।

मंत्री ने बताया कि दूरसंचार विभाग की ‘संचार साथी’ पहल वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इसके तहत ‘चक्षु’ सुविधा के जरिए नागरिक संदिग्ध कॉल, मैसेज या अन्य धोखाधड़ी से जुड़े संचार की रिपोर्ट कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि संचार साथी का उद्देश्य ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना है, जहां धोखाधड़ी की कोशिश तो की गई हो लेकिन वास्तविक नुकसान नहीं हुआ हो। वहीं, जिन मामलों में वास्तविक वित्तीय नुकसान हुआ है, उन्हें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) द्वारा देखा जाता है, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।

मंत्री ने बताया कि आमतौर पर किसी मोबाइल कनेक्शन पर कार्रवाई करने से पहले उपभोक्ता को पुनः सत्यापन का अवसर दिया जाता है। संचार साथी पोर्टल के डैशबोर्ड पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, “नागरिकों से प्राप्त 7.7 लाख इनपुट्स के आधार पर 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए, 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को ब्लैकलिस्ट किया गया है।”

मंत्री के अनुसार, डीआईपी के जरिए साझा की गई जानकारी के आधार पर संबंधित स्टेकहोल्डर्स अपने-अपने क्षेत्र में जुड़े खातों और प्रोफाइल्स पर आवश्यक कार्रवाई करते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि एफआरआई (फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर) के माध्यम से लेनदेन रोकने और समय पर अलर्ट जारी करने के चलते अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को रोका जा चुका है।

इसके अलावा, व्हाट्सऐप ने भी साझा मोबाइल नंबरों से जुड़े 28 लाख प्रोफाइल और अकाउंट्स को निष्क्रिय किया है।

–आईएएनएस

डीएससी


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