दिल्ली में भारत टेक्स 2026 का आगाज, गिरिराज सिंह बोले-वैश्विक टेक्सटाइल हब बनने की ओर बढ़ रहा भारत

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह और कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ग्लोबल टेक्सटाइल एक्सपो ‘भारत टेक्स 2026’ के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लिया। इस अवसर पर कपड़ा मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव समेत मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
14 से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाला ‘भारत टेक्स 2026’ देश की पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। इस एक्सपो का उद्देश्य भारत की टेक्सटाइल, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को दुनिया के सामने रखना तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह ‘भारत टेक्स’ का तीसरा संस्करण है और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण हुई। वर्ष 2025 तक ही ‘भारत टेक्स’ दुनिया के प्रमुख ग्लोबल टेक्सटाइल आयोजनों में शामिल हो चुका था।
गिरिराज सिंह ने भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के 56 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते हैं, जबकि पहले यह संख्या 19 थी। उन्होंने कहा कि भारत करीब 40 अन्य देशों के साथ भी अलग स्तर पर व्यापारिक सहयोग बढ़ा रहा है।
कपड़ा मंत्री ने बताया कि वैश्विक टेक्सटाइल आयात बाजार करीब 900 अरब डॉलर का है और भारत के एफटीए समझौते 500 अरब डॉलर से अधिक के बाजार को कवर करते हैं। उन्होंने तकनीकी वस्त्रों को उभरता हुआ क्षेत्र बताते हुए कहा कि इसके विकास के लिए सरकार ने करीब 11 हजार करोड़ रुपये की पीएलआई योजना शुरू की है।
उन्होंने कहा कि भारत लगातार आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। देश वर्तमान में 3 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के तकनीकी वस्त्रों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एफआईबीसी जैसे उत्पादों में भारत कई देशों को चीन से अधिक आपूर्ति कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब 550 जिलों के लोग हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल और गारमेंट्स के निर्यात से जुड़े हैं, जो देश के कपड़ा क्षेत्र की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ‘भारत टेक्स 2026’ में वैश्विक खरीदारों, उद्योग जगत, डिजाइनरों और नीति निर्माताओं की भागीदारी से भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
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